मथुरा दर्शनीय स्थल: ये टॉप 5 पर्यटन स्थल आपकी यात्रा को बना देंगे यादगार, देखिए तस्वीरें

मथुरा दर्शनीय स्थल: मथुरा एक एतिहासिक व धार्मिक पर्यटक स्थल है. हर साल लाखों लोग मथुरा दर्शनीय स्थल के सुंदर नज़ारे देखने जाते हैं. यदि आप भी अपने परिवार को अपनी सस्कृति से जोड़ना चाहते हैं तो मथुरा दर्शनीय स्थल आपके लिए घूमने लायक जगह है. बता दें कि यह उत्तरप्रदेश का एक जिला है जिसे महान आत्माओ की नगरी माना जाता है. इसके इलावा मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्म भूमि है जो लाखों भक्तों को इस जगह की ओर आकर्षित करती है. आगरा  से लगभग 56 किलोमीटर की दूरी पर बसे मथुरा में कईं सुंदर मंदिर मौजूद हैं जो हमे हमारी संस्कृति से जुड़े रहने में मदद करते हैं. आज के लेख में हम आपको मथुरा दर्शनीय स्थल के 5 प्रसिद्ध स्थल बताने जा रहे हैं, जहाँ घूम कर आप अपनी मथुरा यात्रा को हमेशा के लिए एक यादगार बना सकते हैं.

मथुरा दर्शनीय स्थल – कृष्ण मंदिर

मथुरा दर्शनीय स्थल

मथुरा दर्शनीय स्थल में भगवान श्री कृष्ण का मंदिर सबसे पवित्र धार्मिक स्थल माना गया है. ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस मंदिर के दर्शन कर लेता है, उसके पाप नष्ट हो जाते हैं. यह मंदिर जहाँगीर के शासन काल में राजा वीर सिंह बुंदेला द्वारा बनवाया गया था. इस मंदिर को घूमने के बाद आप वृंदावन की तरफ आगे बढ़ सकते हैं.

मथुरा दर्शनीय स्थल – बांके बिहारी मंदिर

मथुरा दर्शनीय स्थल

मथुरा दर्शनीय स्थल से थोडा आगे वृन्दावन का बांके बिहारी मंदिर एक पावन हिंदू स्थल है. इस मंदिर को प्राचीन गायक तानसेन के गुरु स्वामी हरिदास जी ने बनवाया था. यह मंदिर भी मथुरा दर्शनीय स्थल के बाकी मंदिरों की तरह ही श्री कृष्ण भगवान को समर्पित है. इसमे राजस्थानी शैली की बेहतरीन नक्काशी की गई है. बांके का अर्थ है – तीन जगहों से मुदा हुआ तथा बिहारी का अर्थ है – श्रेष्ठ उपभोक्ता. इस मंदिर के दरवाजे दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक खुले रहते हैं.

मथुरा दर्शनीय स्थल – इस्कान मंदिर

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इस्कान मंदिर मथुरा दर्शनीय स्थल में तीसरा अहम मंदिर है. इस मंदिर का निर्माण 1975 में करवाया गया था. मंदिर को बलराम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता के अनुसार यह वही मंदिर है जहाँ एक समय में श्री कृष्ण भगवान अपने साथियों के साथ खेला करते थे. मंदिर में सुंदर चित्रकारी देखने लायक है. यहाँ के लोग इस मंदिर में आकर श्रीमद् भगवत गीता का पाठ करते हैं. यह मंदिर मथुरा दर्शनीय स्थल के अन्य मंदिरों से काफी अलग है. यहाँ भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा का भी वर्णन मिलता है.

मथुरा दर्शनीय स्थल – द्वारकाधीश मंदिर

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द्वारकाधीश मंदिर मथुरा दर्शनीय स्थल का चौथा अहम स्थल है. इस मंदिर का निर्माण 1814 में किया गया था. यह मंदिर मथुरा के विश्राम घाट के पास है. मंदिर के परिसर में भगवान श्री कृष्ण से जुडी कईं कलाकृतियाँ देखने को मिलती हैं. यह मंदिर पूरा साल भर श्रद्धालुओं से भरा रहता है लेकिन यहाँ की जन्माष्टमी देखने लायक होती है.

मथुरा दर्शनीय स्थल – गोवर्धन पर्वत

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हिंदू पौराणिक कथाओ में गोवर्धन पर्वत का ख़ास महत्व है. यह वही पर्वत है जिसे भगवान कृष्ण ने अपनी एक ऊँगली पर उठा लिया था. मथुरा दर्शनीय स्थल जो भी जाता है, वह इस गोवर्धन पर्वत के चक्कर जरुर लगाता है. ऐसी मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत के चक्कर लगाने से संकट दूर हो जाते हैं और अध्यात्म में और भी अधिक रुचि बढ़ जाती है.