अध्यात्म

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल: तमिलनाडु का यह तीर्थस्थल है 2019 में घूमने लायक, देखें तसवीरें

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल: हमारा भारत कईं सुंदर जगहों और इमारतों से भरा पड़ा है. हर साल लाखों विदेशी भारत में घूमने आते हैं. लेकिन यदि आप खुद एक भारतीय हैं और अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ बिताने का प्लान बना रहे हैं तो रामेश्वरम दर्शनीय स्थल आपके लिए अति उत्तम विकल्प साबित हो सकता है. रामेश्वरम दर्शनीय स्थल असल में हिंदुओं का एक तीर्थ स्थल है जहाँ करोड़ों की तादाद में यात्री आते हैं. बता दें कि यह तीर्थस्थल तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्तिथ है जिसे लोग चार धामों में से एक मानते हैं. ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति एक बार रामेश्वरम दर्शनीय स्थल के दर्शन हासिल कर लेता है, उसकी तमाम इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं. यदि आप भी कहीं घूमने का विचार बना रहे हैं तो यह तीर्थस्थल आपके और आपके परिवार के लिए सबसे बेस्ट आप्शन है.

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल में स्थापित भगवान शिव का शिवलिंग बारह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है. इसके इलावा यहाँ hind महासागर और बंगाल की खाड़ी से चारों  और से घिरा हुआ एक सुंदर और विशाल शंख आकार का द्वीप भी है. रामेश्वरम दर्शनीय स्थल का रामेश्वर मंदिर खुद भगवान राम द्वारा स्थापित किया गया था. पौराणिक कथाओं में रामेश्वर मंदिर को रामायण का एक ख़ास हिस्सा बताया गया है. इस लेख में हम आपको रामेश्वरम दर्शनीय स्थल के 4 ऐसे सुंदर स्थल बताने जा रहे हैं, जो आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देंगे.

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल- जाड़ा तीर्थ

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल से लगभग 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ जाड़ा तीर्थ अपनी स्न्द्रता को लेकर ख़ास माना गया है. दरअसल, यह एक तलाब है जिसे भगवान राम के साथ जोड़ा जाता है. मान्यताओं के अनुसार जब भगवान राम दुष्ट राक्षस रावण का वध करके अयोध्या की और जा रहे थे तो इसी तालाब में उन्होंने अपने बाल धोए थे. जिसके बाद यहाँ एक शिव मंदिर भी बनवाया गया. कहा जाता है कि मंदिर में मौजूद शिवलिंग की पूजा स्वयं भगवान राम ने की थी.

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल- विलुंदी तीर्थ

विलुंदी तीर्थ दूसरा सबसे खूबसूरत तीर्थ स्थल है जो रामेश्वरम दर्शनीय स्थल में देखने लायक है. यह तीर्थ स्थल रामेश्वरम मंदिर से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है. असल में यह एक कुआ है जिसे खुद भगवान राम ने अपने तीर के वार से बनाया था. मान्यता है कि वनवास के दौरान जब सीता माँ को प्यास लगी तो राम जी ने उनकी प्यास बुझाने के लिए इस जगह पर धनुष से तीर मार कर एक कुएं का निर्माण करवाया था.

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल- गंधमादन पर्वत

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल में गंधमादन पर्वत तीसरा ऐसा स्थल है, जो हिंदू धर्म में अपना विशेष महत्व रखता है. कहा जाता है कि इस पर्वत पर हगवन राम अपनी वानर सेना के साथ बैठ कर युद्ध की नई-नई नीतियां बनाते थे. इसके इलावा रामेश्वरम दर्शनीय स्थल का यह गंधमादन पर्वत सबसे ऊंची जगह है जहाँ ओअहुंच कर हम दूर दूर तक सुन्दरता के नजारों का अनुभव ले सकते हैं. कुछ लोगों के अनुसार इस पर्वत पर आज भी भगवान राम के पैरों के चिन्ह मौजूद हैं.

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल- अग्नि तीर्थ

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल का चौथा सबसे खूबसूरत तीर्थ स्थल अग्नि तीर्थ है. यह मंदिर से 100 मीटर की दूरी पर स्तिथ है. इसी जगह पर भगवान राम ने रावण का वध करने के बाद स्नान किया था. तब से इस स्थल का नाम अग्नि तीर्थस्थल पड़ गया. मान्यता है कि जो भी मनुष्य यहाँ आ कर स्नान कर लेता है, उसके सभी दुखों और पापों का नाश हो जाता है.

Related Articles

Close