अध्यात्म

जानें भगवान गणेश को क्यों सबसे अधिक प्रिय है मोदक, बिना इसके पूजा मानते हैं अधूरी

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और संकटमोचक कहा गया है। वह अपने भक्तों के परेशानी झट से सुन लेते हैं और फट से दूर कर देते हैं। भगवान गणेश अन्य देवी देवता के तुलना में खाने पीने के प्रति ज्यादा लगाव रखते  हैं। ऐसे में किसी को भी अगर भगवान गणेश को प्रसन्न करना होता है तो उनके पसंदीदा भोजन ही उन्हें दिया जाता है। भगवान गणेश को दो मिठाइयां बहुत ही ज्यादा पसंद हैं। एक हैं बूंदी के लड्डू और दूसरा मोदक। इसमें से मोदक भी उन्हें बहुत ही ज्यादा प्रिय है। क्या आप जानते हैं कि गणेश भगवान को मोदक ही इतना प्रिय क्यों हैं। इसके पीछे कई सारी कहानियां प्रचलित हैं।

टूट गया था दांत

कहा जाता है कि गणेश जी जब परशुराम से युद्ध कर रहे थे तो उनके युद्ध के समय एक दांत टूट गया। उसके बाद से ही उन्हें एकदंत बुलाया जाने लगा। दांत टूटने के बाद वह कुछ भी आसानी से खा पी नहीं पाते थे। इसके बाद से माता पार्वती ने उनके लिए  मोदक बनाया था क्योंकि वह आसानी से मुंह में घुल जाता था। उन्हें इसे ज्यादा चबाना नहीं पड़ता था। इसके बाद से उन्हें मोदक बहुत प्रिय हो गया।

गणपति को इसलिए पसंद है मोदक

बप्पा को मोदक पसंद करने के पीछे एक कहानी और है।एक बार ऋषि अत्रि औऱ उनकी पत्नी अनसूया ने भगवान शिव को परिवार समेत भोजन के लिए आमंत्रित किया। गणेश भगवान तब अपना बाल्य रुप में थे। वह खाने पीने में बिल्कुल भी पीछे नहीं रहते थे। अनुसूया खाना परोसती जाती थीं और नटखट गणपति झट से खाना सफाचट कर जाते थे। वह बार बार परोसती थीं और वह फटाफट खास जाते। अनुसूया को चिंता होने लगीं कि अगर गणेश का पेट नहीं भरा तो अच्छा नहीं होगा। घर बुलाए अतिथि का पेट तो भरना चाहिए। जब वह परेशान हो गईं तो अचानक उन्हें युक्ति सूझी।

अनुसूया ने सोचा कि भोजन के बाद मीठा परोसने पर भगवान गणेश जी की भूख शांत हो जाएगी। उन्होंने गणेष जी के सामने मोदक रख दिया। जब भगवान गणेश ने मोदक खाया तो खुशी से झूम गई। मीठा मीठा हल्का सा मोदक उनके मुंह में घुल गया और मीठेपन से उनका मन और पेट दोनों भर गया। उनके पेट भरते ही सबका पेट भर गया। इसके बाद से एक बार माता पार्वती को जब मोदक मिला तो उन्होंने इसक वर्णन गणेश जी के सामने किया और गणेश जी ने खाने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद से मोदक मिलते ही वह प्रसन्न हो गए। तबसे यह माने जाना लगा कि सभी मिठाइयों में से सिर्फ मोदक है जिससे भगवान गणश सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं।

घर पर कैसे बनाएं मोदक

भगवान गणेश की पूजा के वक्त मोदक चढ़ाना कभी ना भूलें। वैसे तो यह बाजार में भी मिल जाएगा, लेकिन उसे इतना पवित्र नहीं मानते। आप आराम से घर में ही मोदक बना सकते हैं। आपको बताते हैं सामाग्री और आसान विधि।

सामाग्री

  • दो कप मैदा
  • दो कप चीनी
  • 1 चम्मच पीसा हुआ इलायची पाउडर
  • 1 कप कटा हुआ मेवा
  • 150 ग्राम नारियल का बूरा
  • घी- मोदक तलने के लिए

विधि

  • सबसे पहले मैदे को हल्का सा छानकर उसमें मोयन डालें और अच्छे से गूथें।
  • नारियल के बूरे में चीनी, पीसी इलायची किशमिश ,काजू, बादाम जैसे मेवे डालकर भरावन बना लें।

  • अब मैदे की छोटी छोटी लोई बना लें और इसे हल्का हल्का से बेल कर ऐसा बना लें जिसमें भरावन भरा जा सके। अब उसमें सारा मिक्सर डाल लें और अच्छे से शेप दें।
  • अब कड़ाही में घी गर्म करें औऱ हल्की आंच पर मोदक तल लें। हल्का गुलाबी होने पर कड़ाही से बाहर निकाल लें। अब भगवान गणेश को मोदक चढ़ा सकते हैं।

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