पांडव परिवार : द्रौपदी के अलावा युधिष्ठिर की एक, भीम की दो और अर्जुन की थीं तीन पत्नियां

महाभारत के बारे में लगभग सभी लोग कुछ ना कुछ जानकारी जरूर हैं लेकिन लोग सिर्फ महाभारत की कथा सिर्फ पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध को लेकर ही जानते हैं मगर आज भी अधिकतर लोग ऐसे हैं जिन्हे इस बात की जानकारी नहीं है की महाभारत के युद्ध के बाद आखिर पंडवाओं और कौरवों का क्या हुआ। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पांडव परिवार और कौरव परिवार से जुड़ी महाभारत की कथा बहुत लंबी और बहुत ही रोचक घटनाओं से भरी हैं जिसमे से एक घटना के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं जो निश्चित रूप से आपको काफी हैरान कर देगा।

पांडवों से जुड़ी इस जानकारी से बहुत कम लोग हैं अवगत

आपको बता दें की महाभारत की कथा में तकरीबन सभी लोग यही जानते हैं की पांडवों की पत्नी सिर्फ द्रौपदी ही थीं, मगर इसके अलावा भी पांडवों के वैवाहिक जीवन से जुड़ी कुछ और भी बातें हैं जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। बताते चलें की द्रौपदी के अलावा भी पांडवो की अन्य पत्नियाँ थी और आज हम आपको पांडवो के उन्हीं पत्नियों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हैं।

  • सबसे पहले तो आपको बता दें की द्रौपदी के अलावा पांडवों की अन्य पत्नियां भी थीं और इस सिलसिले पांडवों में सबसे बड़े यानी की युधिष्ठिर की पत्नी का नाम देविका था और उनके पुत्र का नाम यौधेय था।
  • इसके अलावा आपको यह भी बताते चलें की भीम की भी दो पत्नियाँ थी, जिसमें से पहली पत्नी का नाम हिडिंबा और यह राक्षस की पुत्री थी और दूसरी काशीराज की पुत्री बलंधरा थी। हिडिंबा के पुत्र का नाम घटोत्कच व बलंधरा के पुत्र का नाम सर्वग था।

  • द्रौपदी के अलावा अर्जुन ने श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा, नागकन्या उलूपी व मणिपुर की राजकुमारी चित्रांगदा से विवाह किया था, सुभद्रा से अभिमन्यु, उलूपी से इडावान् और चित्रांगदा से बभ्रूवाहन नामक अर्जुन के पुत्र थे।
  • पांडवों में एक नकुल की भी द्रौपदी के अलावा एक पत्नी थी जिनका नाम था करेणुमती और इनसे निरमित्र तथा इसके अलावा सबसे छोटे सहदेव की पत्नी विजया थीं जिनके गर्भ से सुहोत्र नामक पुत्र हुये थे।

पांचों पांडवों से द्रौपदी को एक-एक पुत्रो का जन्म हुआ था। बता दे कि युधिष्ठिर के पुत्र का नाम प्रतिविन्ध्य, भीम के पुत्र का नाम सुतसोम, नकुल के पुत्र का नाम शतानीक, सहदेव के पुत्र का नाम श्रुतसेन और अर्जुन के पुत्र का नाम श्रुतकर्मा था।

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