स्वास्थ्य

गलती से भी हलके में ना लें पेट दर्द, नही तो पड़ सकते है बड़ी मुसीबत में

जिंदगी में रोज कई ऐसे पल और दर्द आते है जिन्हें हम इग्नोर कर देते है या फिर उन्हें कुछ ज्यादा ही मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जैसे कभी भी आपको पेट दर्द हुआ तो बिना डाॅक्टर की सलाह के एक पेन किलर लिया और हो गया ठीक और इस तरह फिर से वही दर्द शुरू होते ही फिर पेन किलर। लेकिन ऐसे छोटे-छोटे दर्द का बार-बार होना आपको कुछ गंभीर समस्या में भी डाल सकता है। कई बार ऐसे ही मामूली परेशानियां बड़ी और गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है।

बता दें की पेट में दर्द के कई कारण हो सकते हैं जैसे कई बार कब्ज की वजह से भी पेट दर्द हो सकता है, कई बार कोई गंभीर बीमारी से तो कभी आंतों में विकार के कारण ऐसे ही कुछ अन्य क्षणिक विकार पेट दर्द का कारण बनते हैं। हालांकि हल्का फुल्का पेट दर्द होने की स्थिति में गुनगुना पानी पीकर ठीक किया जा सकता है मगर जब ये दर्द बार-बार हो रहा हो तो इसे आप नजरअंदाज नहीं करें क्योंकि यह कोई बड़ी बीमारी भी हो सकती है। ऐसे में आपको कभी खुद से घरेलू उपचार नहीं करना चाहिए बल्कि तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

पेट दर्द के कारण

आपको बता दें कि पेट दर्द अपने आप में खुद एक लक्षण हैं जिसका मतलब यह हो सकता है कि किसी व्यक्ति को कोई भी समस्या है और उसे इलाज की आवश्यकता है। पेट दर्द होने की अवस्था में आप किसी तरह का घरेलू इलाज करने की बजाय लक्षणों का ध्यान रखते हुए डॉक्टर को अवश्य दिखाएं ताकि दर्द होने की सही वजह पता चल सके।

पेट का दर्द कई कारणों की वजह से हो सकता है, इनमें से कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं

  • अपच
  • कब्ज
  • इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, यह एक तरह का विकार जो बड़ी आंत को प्रभावित करता है जिसकी वजह से पेट में दर्द बनने लगता है।
  • अपेंडिसाइटिस
  • पेट का फ्लू यानी की वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस
  • मासिक धर्म में ऐंठन
  • फूड पॉइजनिंग
  • फूड अलेर्जी
  • हर्निआ
  • पित्ताशय की पथरी
  • एंडोमेट्रिओसिस एंडोमेट्रिओसिस ट्रीटमेंट
  • क्रोहन रोग (पाचन तंत्र की सूजन)
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस
  • मूत्र-पथ के संक्रमण

पेट की गड़बड़ी लिवर से जुड़ी है

पेट की अधिकांश परेशानियां लिवर से ताल्लुक रखती हैं। खाने में मौजूद वसा, प्रोटीन व काबरेहाइड्रेट को लैक्टोस या एनर्जी में बदलने का काम लिवर में बनने वाले एंजाइम्स की मदद से होता है। दूषित पानी और खाने का असर तेजी से लिवर को हेपेटाइटिस ई और ए का संक्रमण देता है।  हेपेटाइटिस ई लिवर को प्रभावित करता हुआ जीआई या छोटी आंत और बड़ी आंत को संक्रमित करता है। वायरस के संक्रमण का असर रहने तक इसमें मरीज को पेचिश से राहत नहीं मिलती। वहीं एल्कोहल और अधिक तली हुई चीजें खाने पर होने वाली फैटी लिवर की परेशानी का असर भी पेट दर्द और अपच के रूप में दिखता है। ऐसे में इस तरह की स्थिति में कभी भी पेट दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए अन्यथा इससे आपके स्वास्थ्य संबन्धित गंभीर समस्या हो सकती है।

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