अर्जुन की छाल के नुकसान एवं खाने का सही तरीका

अर्जुन की छाल के नुकसान: अर्जुन की छाल एक तरह से आयुर्वेदिक मेडिसन है जिसका इस्तेमाल कईं तरह की बिमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है. दरअसल, अर्जुन की छाल एक तरह से पेड़ है जिसके पत्ते अमरुद के पत्तों से आकर में बड़े होते हैं. इसको वैज्ञानिक भाषा में टर्मिमिनेलिया अर्जुना कहा जाता है. हर यह आम तौर पर कहुआ तथा सादड़ी नाम से जाना जाता है. भारत में हिमालय की तराई, बिहार और मध्य प्रदेश में इसे अधिक मात्रा में पाया जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व इसको ख़ास बनाते हैं. लेकिन आज हम आपको अर्जुन की छाल के नुकसान बताने जा रहे हैं, जिनसे शायद आप भी वाकिफ नहीं होंगे.

अगर उससे पहले हम आपको बता दें कि दिखने में अर्जुन की छाल बाहर से सफेद. अंदर से चिकनी, मोटी तथा हलके गुलाबी या लाल रंग की नजर आती है. इसमें बीटा-सिटोस्टिरोल, इलेजिक एसिड, ट्राईहाइड्रोक्सी ट्राईटरपीन, मोनो कार्बोक्सिलिक एसिड, अर्जुनिक एसिड मौजूद हप्ते हैं जिसके कारण यह रोग मिटाने की ताकत रखता है. लेकिन इनके नुक्सान की भी लिस्ट है, जिनपे ध्यान न देना बहुत बड़ी भूल हो सकती है. तो चलिए जानते हैं आखिर अर्जुन की छाल के नुक्सान क्या हो सकते हैं और इसको खाने का सही तरीका क्या है.

अर्जुन की छाल के नुकसान

अर्जुन की छाल वाला यह पेड़ आम तौर पर हिमालय की तलहटी पर पाया जाता है. इसके फल एवं छाल के ढेरों औषधीय गुण हैं जो हृदय रोग, मधुमेह, चमड़ी रोग आदि जैसे रोगों को मिटाने के लिए वरदान साबित होते हैं. वहीँ इस अर्जुन की छाल के नुक्सान भी हैं जो आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है.

शुगर लेवल में कमी 

अर्जुन की छाल में टैनिन, पोटाशियम, मैग्नीशियम, अर्जुनिक एसिड आदि तत्व भारी मात्रा में मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर के रक्तचाप और रक्त में शक्कर की मात्रा को निर्धारित करते हैं. लेकिन यदि आप डाइबटीज अर्थात मधुमेह से पीड़ित हैं तो आपको इसके सेवन से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ले लेनी चाहिए अन्यथा अधिक मात्रा में ली गई अर्जुन की छाल आपके शुगर लेवल को काफी नीचे गिरा सकती है जिससे आप कोमा में भी जा सकते हैं.

हड्डियों एवं स्पाइन में प्रोब्लम

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि अर्जुन की छाल हमारे लिए सबसे लाभकारी है लेकिन कईं बार हम इसे जरूरत से अधिक इस्तेमाल कर लेते हैं. हमारी यह छोटी सी भूल हमे हमारी जान का दुश्मन बना देती है. बता दें कि अर्जुन की छाल का इस्तेमाल वज़न घटाने के लिए किया जाता है लेकिन आत्य्धिक वेट-लोस भी आपको नुकसान पहुंचा सकता है और आपकी हड्डियों को कमजोर एवं स्पाइन को डैमेज कर सकता है.

गर्भ में बच्चे के लिए नुकसानदायक 

अभी तक यह बात साबित नहीं हो पाई है कि गर्भवती महिलायों के लिए अर्जुन की छाल सही है या नहीं. लेकिन जिस चीज़ के बारे में आपको समझ नहीं है, उसको गर्भवस्था के दौरान ना ही इस्तेमाल करें. क्यूंकि इस अवस्था के दौरान एक महिला का शरीर अलग अलग प्रतिक्रियाओं से गुजर रहा होता है ऐसे में अनजान चीज़ें आपके बच्चे के लिए घातक साबित हो सकती हैं.

अर्जुन की छाल खाने का सही तरीका

  • आयुर्वेद में हर चीज़ खाने का एक सही तरीका एवं समय बताया गया है. ठीक उसी तरह अर्जुन की छाल के सेवन के लिए भी एक तरीका होता है. इस तरीके से यदि इस छाल का सेवन किया जाए तो यह आपके लिए फायदेमंद साबित होगा.
  • अर्जुन की छाल का पाउडर बना कर उसे पानी में मिला कर भोजन करने से पहले 50 मिलीलीटर लिया जा सकता है. हो सके तो इस छाल का सेवन दिन में दो बार जरुर करें.
  • एक चम्मच छाल के पाउडर को दो कप पानी मिला कर उबाल लें और जब पानी आधा रह जाए तो इसे चान कर गुनगुना पी लें.
  • इस पाउडर को दूध में मिला कर भी पीया जा सकता है.
  • इस छाल की दवाएं एवं कैप्सूल बाज़ार में मौजूद हैं इसलिए आप उन दवायों को भी खा सकते हैं.