अलसी के औषधीय गुण, जानिए अलसी खाने का सही तरीका

अलसी के औषधीय गुण:  अलसी को अधिकतर लोग फ्लेक्स सीड्स नाम से जानते हैं. यह एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसको चाहे किसी भी रूप में खाया, जाए, आपको फायदा ही होगा. दरअसल, अलसी के बीज में कईं तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं जो हमे कईं तरह की बिमारियों से लड़ने में मदद करर्ते हैं. इसके इलावा अलसी के पौधे का इस्तेमाल कईं तरह की दवाईयां बनाने में भी किया जाता है. आज के इस आर्टिकल में हम आपको अलसी के औषधीय गुण बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप भी नावाकिफ होंगे.

लेकिन इससे पहले हम आपको बता दें कि अलसी में ऐसे ढेरों पोषक तत्व मौजूद हैं, जो मनुष्य शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक साबित होते हैं. दरअसल अलसी में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3, विटामिन बी, प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फॉसफोरस, सेलेनियम आदि पाए जाते हैं जो कि उर्जा का एक बेहतरीन स्रोत हैं इसके इलावा डाईटिशियन और डाक्टर भी आजकल इसे खाने की सलाह देते है.

अलसी में मौजूद पोषक तत्व

पोश्त्कता के मामले में अलसी का नाम सबसे ऊपर आता है. गौरतलब है कि अलसी के केवल एक चम्मच में इतने सारे पोषक तत्व हैं, जिनका आप अंदाजा बह नहीं लगा सकते-

  • एक चम्मच अलसी में लगभग 55 कैलोरीज होती हैं.
  • इसमें 3 ग्राम फाइबर मौजूद होता है.
  • एक चम्मच अलसी में 2 ग्राम के करीब प्रोटीन होते हैं जो हमारे शरीर को कमजोरी से दूर रखते हैं.
  • 40 मिली ग्राम मैग्नीशियम की मात्रा
  • ०.3 मिली ग्राम मैंगनीज़ की मात्रा
  • लगभग 65 मिलीग्राम फॉस्फोरस
  • ०.1 मिलिगम कॉपर
  • ०.2 मिली ग्राम विटामिन बी
  • 3 मिली ग्राम सेलेनियम तत्व

अलसी के औषधीय गुण

1. आयुर्वेद की भाषा में अलसी को मंदगंधयुक्त, बलकारी, कफवात कारक, किंचित, दर्द मिटाने वाली औषिधि कहा जाता है.
2. यदि आपको खुनी दस्त यां मूत्र संबंधी किसी तरह की कोई शिकायत है तो आप अलसी के बीजों को गरम पानी में उबालकर यां इसके साथ एक तिहाई मुलेठी के चूर्ण को मिला कर काढा तैयार करके पी सकते हैं.
3. अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भारी मात्रा में मौजूद रहता है जोकि मनुष्य शरीर को स्वस्थ रखने के काम आता है. हालाँकि समुद्री जीवों में ओमेगा 3 मिलता है लेकिन यदि आप शाकाहारी हैं तो नियंत्रित मात्रा में अलसी का सेवन कर सकते हैं. इसका सबसे अधिक फायदा आपके हृदय को होगा.

4. अलसी के बीजों में अल्फ़ा लीणोलेनिक जसीड पाया जाता है जोकि गठिये और जोड़ो के दर्द के लिए रामबाण साबित होता है.
5. अलसी की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्भवती और सतपान करने वाली और्र्तों को डॉक्टर अलसी खाने की सलाह देते हैं.
6. अलसी में मिलने वाला फाइबर वज़न घटाने में सबसे अधिक उपयोगी माना जाता है.
7. डायबिटीज़, कैंसर, ल्यूपस, और आर्थ्राइटिस औरकिडनी संबंधित रोगों के लिए अलसी का सेवन करना सबसे उपयोगी माना जाता है.
8. अलसी के बीज एंटी बैकटिरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल होते है. इनका उपयोग शरीर की रोगप्रतिरोधक-क्षमता बढाता है.

अलसी खाने का सही तरीका

अलसी के औषधीय गुण

तो आप सबने जान ही लिए होंगे, तो अब आपको बता दें कि अलसी कभी भी खराब नहीं होती लेकिन यदि ये पाउडर रूप में हो तो यह हवा में मौजूद ऑक्सीजन के प्रभाव में आकर खराब हो जाती है. बहुत सारे लोग अलसी के बीज ऐसे ही निघल जाते हैं जो कि ठीक तरह से पाच नहीं पाते. इसलिए कोशिश करें कि आप इन बीजों को पीस कर ही खाएं. आप सुबह खाली पेट गर्म पानी में 20 ग्राम (1 टेबलस्पून) अलसी मिला कर पी सके हैं. इसके इलावा आप अलसी को फलों एवं सब्जियों के ताज़े जूस में मिला कर भी पी सकते हैं या फिर अपने भोजन के ऊपर से बुर्क कर भी खा सकते हैं. अलसी खाने के समय एक बात का ख़ास ध्यान रखें कि दिनभर में भूल से भी आप अलसी का 40 ग्राम से अधिक सेवन ना करें.