‘वो कहते हैं मुझे पाकिस्तानी’, एक मुस्लिम ने कविता के ज़रिए बयां किया दर्द – वायरल हुआ वीडियो

नई दिल्ली – भारत और दुनिया भर में मुसलमानों के प्रति एक विशेष तरह कि बहस चल रही है। बात करें इस वक्त देश के माहौल की तो गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के कासगंज में भड़की हिंसा के दौरान हुई गोलीबारी में चंदन गुप्ता नाम के युवक की मौत और इसके ठीक बाद दिल्ली के ख्याला इलाके में एक मुस्लिम परिवार के घरवालों द्वारा एक हिन्दु लड़के को बीच चौराहे पर गला काटे जाने के बाद से चारों तरफ हो हल्ला मचा हुआ है। देश में विभिन्न प्रकार की घटनाओं और आतंकी हमलों के बाद देश में मुस्लिमों को निशाने पर रखना आम बात हो गई है। ऐसे में एक सवाल ये उठता है कि भारत में एक मुस्लिम होकर रहने में कैसा लगता है?

शायद देश का हर नागरिक यही कहेगा कि बाकी हिन्दुओं की तरह ही भारत में मुस्लिम भी रहते हैं। उन्हें भी देश के बाकी समुदायों के जैसे ही समान अधिकार दिये गए हैं। लेकिन, अगर इसी सवाल का जवाब मुस्लिमों से मांगा जाये तो शायद जवाब ऐसा न हो। भले ही कोई ये कहे की हिन्दुस्तान में मुस्लिम समुदाय और अन्य समुदाय के बीच भारत में कोई भेदभाव नहीं होता और दोनों को संविधान द्वावा सामान्य अधिकार दिए हैं।

लेकिन, मुंबई के एक मुस्लिम समुदाय के कवि सैय्यद जफीर ने देश में मुस्लमानों कि स्थिती पर अपनी कविता के जरिए तीखा सवाल उठाया है। कवि सैय्यद जफीर ने हाल ही में मुंबई में आयोजित एक कवि सम्मेलन में अपने बेहद बीते दर्दनाक अनुभव के बारे में कविता के जरिए दुनिया के सामने रखा। कवि सैय्यद जफीर की यह कविता सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है औऱ लोग इसपर काफी कमेंट और शेयर कर रहे हैं। कवि सैय्यद जफीर ने जो कविता लिखी है उसका शीर्षक है ‘वो मुझे कहते हैं पाकिस्तानी।’

कविता में जफीर ने कहा है, ‘इस मुल्क की सड़कों पर कई शर्मा, सिंह और जैन दिखेंगे और उन्हीं के बीच में कुछ खान अकबर, अहमद, जमानी भी होंगे। जिनको दुनिया पाकिस्तानी कह देती है।’ इस कविता के जरिए जफीर ने देश में मुस्लिमों की स्थिती पर सवाल उठाये हैं। हालांकि, जफीर की कविता में कितनी सच्चाई है इसका सटीक अंदाजा कोई भी नहीं लगा सकता। हाँ इतना जरुर है कि जिस नजर से पाकिस्तान में हिन्दुओं को देखा जाता है शायद हिन्दुस्तान में मुस्लिमों की स्थिति वैसी नहीं है।

मुंबई में रहने वाले जफीर के मुताबिक, उन्हें लोग 15 अगस्त को नहीं बल्कि 14 अगस्त को ही आजादी की मुबारकबाद देते हैं। क्योंकि पाकिस्तान के आजादी 14 अगस्त को मिली थी। जफीर इस बात से हालत होते होंगे लेकिन एक बात अच्छी तरह से समझनी चाहिए कि हिन्दुस्तान में जितनी आजादी और अधिकार सभी को दिये गए हैं उतने अधिकार किसी को भी किसी देश में नहीं दिए गए। शायद जफीर ये बात भुल रहे हैं कि हिन्दुस्तान दुनिया का एकमात्र देश है जहां दुनिया के बाकी हिस्सों के मुकाबले मुस्लिम ज्यादा सुरक्षित और आजाद हैं। जफीर का यह वीडियो वीडियो सोशल मीडिया के साथ यूट्यूब पर भी खुब वायरल हो रहा है।

यहां देखिए पूरा वीडियो –

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.