पाकिस्तानियों ने कहा, जवानों के लिए आयी सामग्री आधे दाम में बेच देते हैं अफसर.

सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर कुछ वीडियोज पोस्ट करके बीएसएफ के बड़े और उच्च अधिकारियों पर कटघरे में खड़ा कर दिया लेकिन अधिकारियों ने खुद उसपर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं ऐसे में गृह मंत्रालय बीएसएफ की रिपोर्ट देखकर ही कोई फैसला लेगा. इन सब बातों के अतिरिक्त ऐसी खबरें भी आई हैं कि तेज बहादुर के आरोप आधारहीन नहीं हैं.

सैनिकों के लिए आने वाले राशन को बाजार में बेचने का आरोप लगाया है :

तेज बहादुर बीएसएफ की 29वीं बटालियन में हैं और कश्मीर में तैनात हैं उन्होंने अधिकारियों पर सैनिकों के लिए आने वाले राशन को बाजार में बेचने का आरोप लगाया है, जिसके चलते सीमा पर तैनात तमाम जवानों को अच्छी तरह से रसद आपूर्ति नहीं हो पाती है.

एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्थानीय लोगों से बात करने पर पता चला है कि बीएसएफ के अधिकारी सैनिकों के लिए आए रसद को स्थानीय बाजार में आधे दाम में बेच देते हैं जिसका खामियाजा सैनिकों को उठाना पड़ता है.

पाकिस्तानी मीडिया ने भारत का खूब मजाक उड़ाया :

तेज बहादुर यादव के वीडियो के वायरल होने के बाद पाकिस्तानी मीडिया ने भारत का खूब मजाक उड़ाया, पाकिस्तान में मीडिया में यह बातें उड़ाई गयीं कि सर्जिकल स्ट्राइक करने वाला देश खुद हंगर स्ट्राइक भी नहीं कर पा रहा है.

पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर हंगर स्ट्राइक ट्रेंड भी करता रहा. कुछ लालची और बेईमान अफसरों के कारण पाकिस्तान जैसे देश को भारत का मजाक उड़ाने का मौका मिल गया है. हालांकि अभी तक वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है और जांच चल रही है.

ऐसे में ये सवाल उठाना लाजिमी है कि आखिर ऐसी क्या स्थितियां हो गईं जो उस जवान को ऐसा कदम उठाना पड़ा. तेज बहादुर यादव की शिकायत पर इसलिए भी ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि उसने ऐसे मुद्दे को उठाया है जिससे कहीं न कहीं देश की सुरक्षा प्रभावित होती है.

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