सऊदी अरब के ऊपर युद्ध का खतरा, यमन ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल, समय रहते मार गिराया

रियास: आज के समय में किसी भी देश से युद्ध करना आसन नहीं है। कई तरह के अंतर्राष्ट्रीय दबाव हैं जिसके चलते कोई भी देश जल्दी युद्ध नहीं करना चाहता है। एक बात यह भी है कि युद्ध से किसी भी देश को कोई फायदा नहीं होता है। दोनों तरफ केवल नुकसान ही नुकसान होता है। आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जनहानि भी होती है। आज के समय में शांति बनाये रखने के लिए वैश्विक स्तर पर कई संगठन काम कर रहे हैं।

खाड़ी में बना हुआ है आईएसआईएस आतंकियों का खतरा:

लेकिन आज भी कुछ ऐसे देश हैं जो बात-बात पर युद्ध छेड़ देते हैं। उन्हें जैसे युद्ध करने का नशा होता है। उन्हें युद्ध से कोई हानि नहीं होती है। ज्यादातर खाड़ी देश ऐसे हैं जो बात-बात पर लड़ाई छेड़ देते हैं। वहाँ ज्यादातर लड़ाइयाँ सेना और आतंकवादियों के बीच होती रहती है। आप तो जानते ही हैं कि खाड़ी के देशों में इस समय आईएसआईएस का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में किसी देश से युद्ध के बारे में कोई कैसे सोच सकता है।

मिसाइल बड़ी ना होने की वजह से नहीं हुआ ज्यादा नुकसान:

सऊदी अरब ने रियाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया। जानकारी के अनुसार इस मिसाइल को सऊदी अरब के ऊपर किसी और ने नहीं बल्कि यमन ने दागा था। सऊदी अरब के न्यूज़ चैनल अल-अखबारिया ने सेना के हवाले से जानकारी दी है कि मिसाइल बहुत ज्यादा बड़ी नहीं थी जिस कारण इस धमाके में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। सेना द्वारा मिसाइल को राजधानी के उत्तर-पूर्व में मार गिराया गया। चैनल के मुताबिक, ‘मिसाइल छोटे आकार की थी’ और इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

सरकार और विद्रोहियों के बीच छिड़ा हुआ है युद्ध:

यमन में हूती विद्रोहियों से संबंधित एक चैनल ने जानकारी दी है कि इस मिसाइल को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दागा गया था। हूती विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने बताया कि 800 किलोमीटर रेंज वाले बुरकान 2-एच मिसाइल दागे गए थे। बता दें कि यमन में राष्ट्रप्रति अब्दराब्बुह मंसूर हादी की सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है। सऊदी अरब हूती को हराने वाले अभियान की अगुवाई कर रहा है। सऊदी अरब 2015 से इस विद्रोही संगठन पर हवाई कार्रवाई कर रहे अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल प्रमुख देश है

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