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बेटे की मौत पर भी पत्नी को नहीं लगा पाया गले पुलिस कॉन्स्टेबल, ड्यूटी के प्रति समर्पण का मिसाल

गर्भवती पत्नी प्रसव पीड़ा से कराह रही थी, लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना कर्मवीर कॉन्स्टेबल अर्जुन ड्यूटी को छोड़कर नहीं

देश के हर हिस्से में कोरोना वायरस को लेकर काफी चिंता का माहौल बना हुआ है, हर तरफ सरकार और प्रशासन कोरोना वायरस की जंग लड़ने में जुटी हुई है, हर पुलिसकर्मी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी दे रहा है, आप लोगों ने ऐसी बहुत सी खबरें पढ़ी होंगी, जिसमें सभी करोना कर्मवीर अपनी ड्यूटी किस प्रकार से निभा रहे हैं, आज हम आपको एक ऐसे पुलिसकर्मी की जानकारी दे रहे हैं जिसकी कहानी जानकर आपकी आंखें भर आएंगीं, दरअसल, एक ऐसे पुलिसकर्मी की दुख भरी कहानी सामने आई है जिसको जानकर आप यह मानने के लिए मजबूर हो जाएंगे कि सभी लोगों का जीवन बचाने के लिए किस प्रकार से कोरोना कर्मवीर अपने परिवार से दूर रहकर, अपने परिवार को छोड़कर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं।

देश में कोरोना वायरस का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, यह दिन पर दिन फैलता हुआ नजर आ रहा है, कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दिन पर दिन लगातार बढ़ती ही जा रही है, जिसकी रोकथाम के लिए सरकार अपनी तरफ से हर प्रयास करने में जुटी हुई है, हर कोई कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में अपनी-अपनी अहम भूमिका निभा रहा है, लेकिन एक ऐसे पुलिस कॉन्स्टेबल का मामला सामने आया है जो ड्यूटी के प्रति अपने समर्पण का मिसाल बयां करता है, हम जिस कॉन्स्टेबल के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं इसका नाम अर्जुन है।

पुलिस विभाग में तैनात कॉन्स्टेबल अर्जुन ने अपने ड्यूटी के प्रति त्याग की मिसाल लोगों के सामने पेश की है, आपको बता दें कि अर्जुन पिछले कई दिनों से अपने घर पर नहीं गए हैं, आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश के नाहन के कॉन्स्टेबल अर्जुन की गर्भवती पत्नी सुमन लगभग 120 किलोमीटर दूरी पर शिलाई में प्रसव पीड़ा से कराह रही थी, लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना कर्मवीर कॉन्स्टेबल अर्जुन अपनी ड्यूटी को छोड़कर नहीं गए, यहां तक कि जब इनके नवजात बेटे की जान चली गई तब यह कुछ देर के लिए मिट्टी डालने की रस्म निभाने के लिए अपने घर पर आए थे और फिर यह नाहन वापस ड्यूटी पर तैनात हो गए थे, इसके बाद भी कॉन्स्टेबल अर्जुन ने दूर से ही अपने घरवालों और परिजनों से बात की थी।

कॉन्स्टेबल अर्जुन अपने ड्यूटी के प्रति पूरी तरह से समर्पित थे, यह अपने नवजात बेटे के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा नहीं ले पाए और ना ही अपनी पत्नी को गले लगाकर इनको दिलासा दे पाए, आपको बता दें कि सिरमौर में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए एक जमाती को बद्दी तक छोड़ने के लिए अर्जुन भी पुलिस टीम के साथ गए हुए थे, इसी वजह से उनको यह हिदायत दी गई थी कि कुछ समय के लिए वह अपने परिवार के लोगों से दूरी बनाए रखें, अर्जुन की पत्नी सुमन भी पुलिस विभाग में ही कार्यरत है पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात उनकी पत्नी 8 महीने की गर्भवती थी और कोरोना के खिलाफ 2 महीने से ड्यूटी कर रहे अर्जुन चाहकर भी अपनी गर्भवती पत्नी के पास नहीं जा सकते थे, आपातकालीन स्थिति पर इनकी पत्नी को शिलाई के नाहन रेफर कर दिया गया था लेकिन एक बहुत ही दुखद खबर इनके परिजनों को मिली की डिलीवरी से मृत नवजात को निकाला गया है, इस दुख भरी घड़ी में अर्जुन अपनी पत्नी को गले से लगाकर दिलासा भी नहीं दे पाए थे।

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