बॉलीवुड

देव आनंद की एक झलक पाने छत से कूद जाती थी लड़कियां, उनके बर्थडे पर पढ़े ऐसे ही 5 दिलचस्प किस्से

धर्मदेव पिशोरीमल आनंद को लोग देव आनंद के रूप में ज्यादा अच्छे से जानते हैं. देव आनंद अपने जमाने के बहुत बड़े सुपरस्टार हुआ करते थे. वे एक अभिनेता होने के साथ साथ राइटर, डायरेक्टर और प्रोडूसर भी थे. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनका योगदान काफी अहम रहा हैं. उन्हें बॉलीवुड का सबसे बड़ा और सफल अभिनेता माना जाता हैं. उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर में लगभग 116 फिल्मों में काम किया. आज 26 सितंबर (1923) के दिन ही देव आनंद साहब पंजाब के शंकरगढ़ में पैदा हुए थे. यानी आज उनका जन्मदिन भी हैं. ऐसे में आज हम आपको देव आनंद की लाइफ से जुड़े कुछ ख़ास और दिलचस्प किस्से सुनाने जा रहे हैं.

पहला किस्सा: देव आनंद की पॉपुलैरिटी लड़कियों में बहुत अधिक थी. वे दिखने में बेहद हैंडसैम हुआ करते थे. हर लड़की का दिल उनके ऊपर आ जाता था. हम ये भी कह सकते हैं कि उस ज़माने में लड़कियां देव साहब के लिए पागल हुआ करती थी. इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि देव आनंद की एक झलक पाने के लिए लड़कियां छत से कूद जाया करती थी. ये किस्सा उनकी फिल्म ‘काला पानी’ के समय का हैं. इस फिल्म में देव आनंद काला रंग का कोट पहना करते थे. हालाँकि बाद में इस काले कोट को पहनने पर रोक लगा दी गई. कारण ये था कि देव आनंद काले कोट में बेहद हैंडसैम लगते थे जिसकी वजह से लड़कियां पागल हो जाती थी.

दूसरा किस्सा: जब देव आनंद ‘विद्या’ फिल्म की शूट कर रहे थे तो उनका दिल सुरैया नाम की एक्ट्रेस पर आ गया था. देव साहब ने सुरैया को सेट पर ही 3 हजार की अंगूठी देकर प्रपोज भी किया था, हालाँकि सुरैया की नानी इस शादी के पक्ष में नहीं थी. ऐसे में सुरैया लाइफटाइम कुँवारी ही रही.

तीसरा किस्सा: देव आनंद ने कभी भी अमिताभ बच्चन के साथ किसी फिल्म में काम नहीं किया. एक और दिलचस्प बात ये हैं कि जिस ‘जंजीर’ फिल्म को कर अमिताभ सुपरस्टार बने थे वो फिल्म पहले देव साहब करने वाले थे. हालाँकि कुछ निजी कारणों से ऐसा ना हो सका और रोल अमिताभ बच्चन को मिल गया.

चौथा किस्सा: जैसा कि हमें आपको बताया लड़कियां देव आनंद से बहुत प्यार करती थी. नतीजा ये हुआ कि ‘हरे राम हरे कृष्ण’ फिल्म में कोई भी एक्ट्रेस उनकी बहन बनने को राज़ी नहीं हो रही थी. देव साहब ने भी कई लड़कियों का स्क्रीन टेस्ट लिया लेकिन उन्हें किरदार के मुताबिक सही एक्ट्रेस नहीं मिल रही थी. उस दौरान उनकी मुलाकात जीनत अमान से हुई. बातचीत के दौरान जीनत ने जिस अंदाज़ से देव साहब को एक सिगरेट निकाल कर दी तभी उन्होंने जीनत को सिलेक्ट कर लिया.

पांचवा किस्सा: देव आनंद की इच्छा थी कि उन्हें कभी मरा हुआ नहीं दिखाया जाए. इतना ही नहीं वे देश के बाहर विदेश में मरना चाहते थे. वैसे उने साथ बाद में हुआ भी ऐसा ही कुछ. जब वे देश के बाहर गए हुए थे तो उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, इस कारण उना निधन हो गया.

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