दिग्विजय ने पूछा- ‘खाते में 15 लाख आए’, तो युवक बोला- ‘हां, मेरे खाते में आए और फिर जो हुआ…’ चुनावी जनसभा में दिग्विजय सिंह ने पूछा- '15 लाख आए क्या?', तो जवाब में युवक ने कर दी बोलती बंद।

चुनावी समर में नेताओं द्वारा आयोजित जनसभा से अजीब तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की दिलचस्पी इस चुनाव में और भी ज्यादा बढ़ रही है। इसी सिलसिले में सोमवार को भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जनसभा में एक अजीब वाकया हुआ, जोकि सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। दरअसल, भोपाल में दिग्विजय सिंह एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साध रहे थे और तभी उन्होंने मोदी विरोधी एक सवाल पूछा, जिसके जवाब में एक युवक ने उनकी बोलती बंद कर दी। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

चुनावी रंग में डूबे दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए जनसभा में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या आपके खाते में 15 लाख रुपये आए? साथ ही दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि जिसके खाते में 15 लाख रुपये आए हैं, वे सभी अपने हाथ खड़े कर लें। इस बाबत जनसभा में मौजूद तमाम लोगों के हाथ नीचे थे, लेकिन एक युवक का हाथ ऊपर उठा, जिसे देखकर दिग्विजय सिंह ने उसे मंच पर बुलाया तो उसने पूर्व मुख्यमंत्री की बोलती ही बंद कर दी।

मेरे खाते में आए हैं 15 लाख रुपये- युवक

दिग्विजय सिंह के सवाल का जवाब देते हुए एक युवक ने कहा कि मेरे खाते में 15 लाख रुपये आए हैं। जवाब सुनकर दिग्विजय सिंह ने उसे मंच पर बुलाया तो युवक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक की और आतंकियों को मारा। युवक का जवाब सुनकर दिग्विजय सिंह ने नाराज हो गए और उन्होंने नाराजगी भरे लफ्ज में एक बार फिर पूछा कि तेरे खाते में 15 लाख आए और तुझे नौकरी मिली, क्या बात करते हो, जिसके बाद कांग्रेसियों ने उसे मंच से नीचे उतार दिया।

16 साल बाद चुनाव लड़ रहे हैं दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने 2003 में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ा था। सत्ता गंवाने के बाद दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया था कि वे अगले दस साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसे में 2014 में कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को राज्यसभा भेज दिया था, जिसके बाद अब वे चुनावी मैदान में उतरे हैं। बता दें कि दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश के किसी भी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद कमलनाथ ने उन्हे भोपाल की सीट से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया। दरअसल, कमलनाथ का मानना है कि बड़े नेताओं को मुश्किल सीट से लड़ना चाहिए।

आसान नहीं है दिग्विजय सिंह की राह

पिछले 35 सालों से बीजेपी भोपाल की सीट पर अपना परचम लहरा रही है, ऐसे में इस बार दिग्विजय सिंह की राह आसान नहीं है। दिग्विजय सिंह की राह इसीलिए भी मुश्किल है, क्योंकि उनके सामने मैदान में प्रज्ञा ठाकुर हैं, जोकि बीजेपी का मास्टरप्लान हैं। प्रज्ञा ठाकुर और दिग्विजय सिंह के बीच की जंग काफी ज्यादा टक्कर की है। याद दिला दें कि भोपाल में कांग्रेस आखिरी बार 1984 में जीती थी, जिसके बाद से लेकर अब तक इसी सीट पर बीजेपी का ही कब्जा रहा है।