कोर्ट के फैसले के बाद गूगल ने भारत में टिक टॉक एप को किया ब्लॉक,नहीं हो सकेगा डाउनलोड लेकिन.. टिक टॉक एप पर अश्लील वीडियो परोसने और भद्दे कंटेंट को प्रमोट करने का आरोप लगा है, इस एप को इस्तेमाल करने वाले भारतीयों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं

व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम आज के समय में जोक्स और मीम्स से ज्यादा जगह टिक टॉक यूजर ने घेरी हुई है। हर जगह आपको टिक टॉक के वीडियो देखने को मिल जाएंगे। कहीं कोई आंसू बहाता दिखेगा तो कहीं किसी की उड़ती जूल्फें तो कहीं दो लोग रोमांटिक होते दिखेंगे। ऐसे में युवाओं के प्रति टिक टॉक का क्रेज बढ़ रहा था औऱ धीरे धीरे लोगों ने इसमें अश्लीलता फैलाना भी शुरु कर दिया था। इसी के चलते मद्रास हाईकोर्ट में टिक टॉक को बैन करने की अपील की गई थी और अब कोर्ट ने भी इसके खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है। गूगल ने मद्रास हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए भारत में बहुत लोकप्रिय हुए टिक टॉक को ब्लाक कर दिया है।

गूगल ने लगाया बैन

बता दें कि अब कोर्ट के फैसला का पालन करते हुए गूगल ने टिक टॉक पर बैन लगा दिया है। ऐसे में अब गूगल प्ले स्टोर एप से टिक टॉक एप को डाउनलोड नहीं किया जा सकेगा। बता दें कि ये फैसला तब आया है जब चीन की कंपनी Bytedance Technology ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि इस पर बैन ना लगाया जाए और उसकी इस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। मद्रास हाईकोर्ट ने 3 अप्रैल को केंद्र से टिक टॉक पर बैन लगाने को कहा था।

गौरतलब है कि भारत में टिक टॉक यूजर्स की संख्या बहुत ज्यादा है ऐसे में इस पर लगे बैन से कंपनी को अच्छा खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं कोर्ट का कहना है कि टिक टॉक एप पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देता है और बच्चों को यौन हिंसक बना रहा है। टिक टॉक एप पर अश्लील कंटेंट दिखाने का आरोप है।  भारत में ये एप मंगलवार देर रात तक आसानी से डाउनलोड किया जा सकता था, लेकिन अब गूगल ने इसे ब्लॉक कर दिया है। अब ये गूगल प्ले स्टोर पर नहीं मिलेगा। गूगल ने कहा कि इस एप पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन स्थानीय कानूनों का पालन करता है।

क्यों उठी बैन की मांग

बता दें  इस सबकी शुरुआत तब हुई जब एक व्यक्ति ने इस एप पर बैन लगाने के लिए एक जनहित याचिका दायर की। आईटी मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र ने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए Apple और Google को एक पत्र भेजा था। सरकार ने गूगल औऱ एप्पल को मद्रास हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए कहा जिसमें टिक टॉक पर बैन लगाने की बात कही गई है।

गौरतलब है कि गूगल के टिक टॉक को अपने प्ले स्टोर से डिलीट करने पर टिकटॉक एप की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। टिक टॉक यूजर्स को वीडियो और टॉक्स की अनुमति देता है जिसमें कई तरह के इफेक्ट होते हैं। हालांकि ज्यादातर लोग इस एप का इस्तेमाल गलत तरीके से करने लगे थे। इसमें काफी हदतक लोग बोल्ड स्टेप्स करते थे और कुछ लड़कियां भी काफी अश्लील तरीके के कंटेंट इस पर डालने लगी थीं। बता दें कि इस एप को अब तक 240 मिलियन लोगों ने डाउनलोड कर रखा है।

हालांकि टिक टॉक एप पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्राम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट फिलहाल इस मामले पर सुनवाई कर रहा है और अब अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी। बता दें कि मदुरै हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौत दी गई है और याचिका में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही कोर्ट ने मीडिया को भी निर्देश दिया है कि वो इसका प्रसारण ना करें।

 

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