मुंबई में ढहने वाले पुल को लोग कहते हैं ‘कसाब ब्रिज’, यहीं से आतंकी ने बरसाई थी गोलियां गुरुवार की शाम को मुंबई में एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें अभी तक 6 लोगों के मरने की खबर सामने आ रही है, तो वहीं 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

गुरुवार की शाम को मुंबई में एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें अभी तक 6 लोगों के मरने की खबर सामने आ रही है, तो वहीं 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मुंबई में गुरुवार की शाम को सीएसटी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थिति फुटओवर ब्रिज ढह गया, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। जिस समय यह फुटओवर ब्रिज गिरा उस समय बहुत ही भीड़ रहती है, क्योंकि इस ब्रिज से लोग शाम को अपने अपने घर लौट रहे थे, जिसमें से कुछ लोग घर नहीं लौट पाएं। इसी बीच बीएमसी और रेलवे के संबंधित अधिकारियों पर केस दर्ज किया गया है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

सीएसटी रेवले स्टेशन के स्थिति फुटओवर ब्रिज ढहने से जहां कई लोगों की जान गई तो वहीं इस मुद्दे पर राजनीति भी हो रही है। रेलवे और बीएमसी अपना अपना पलड़ा झाड़ रही है, लेकिन दोनों के संबंधित अधिकारियों पर केस दर्ज किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि यह पुल काफी समय से बेकार हो गया था और चलने में भी हिलता था, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, जिसकी वजह से यह हादसा हो गया। पुल की मरम्मत कराने के लिए लोगों ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखे थे, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।

‘कसाब’ ब्रिज कहते हैं लोग

मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थिति फुटओवर ब्रिज के ढह जाने से एक बार फिर से आतंकी कसाब का नाम चर्चा में है। आतंकी कसाब ने 2008 में इसी ब्रिज पर चढ़कर आतंक मचाया था। बताया जा रहा है कि 2008 में कसाब सीएसटी रेलवे स्टेशन से निकलर इसी ब्रिज से लोगों पर गोलियां बरसाई थी और फिर वहां से भाग गया था। याद दिला दें कि आतंकी अजमल कसाब सीएसटी रेलवे स्टेशन के बाहर मौजूद पुल से गुजरते वक्त उसने लोगों पर ग्रेनेड भी फेंका था, जिसमें मौके पर ही 58 लोगों की मौत हो गई थी और 104 लोग घायल हो गये थे।

बीएमसी के दफ्तर से 500 मीटर की दूरी पर है ब्रिज

मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थिति फुटओवर ब्रिज बीएमसी के दफ्तर से 500 मीटर की दूरी पर ही है। बताया जाता है कि शाम के वक्त हजारों की संख्या में यहां भीड़ होती है, क्योंकि यह एक मेनलाइन है, जिसमें आने जाने वाले लोगों की संख्या ज्यादा होती है। भारी संख्यां में शाम के समय लोग इस ब्रिज का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी चपेट में कल 30 से ज्यादा लोग आएं तो वहीं 6 लोगों की मौत की खबर भी सामने आ चुकी है।

60 सेकेंड की रेड लाइट ने बचाई सैकड़ो लोगों की जान

इस हादसे में कई अन्य लोगों की जान जा सकती थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने बताया कि रेड लाइट हो गई थी, जिसकी वजह से गाड़ियां उसके नीचे नहीं गुजर रही थी, अन्यथा यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था। मतलब साफ है कि 60 सेकेंड की रेड लाइट ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई है। फिलहाल इस पूरे मामले में कार्रवाई की जा रही है।