अगर दूसरे कमरे में सोते हैं बच्चे तो हो रहा है नुकसान, जानें क्यों खुद के पास सुलाना चाहिए

विदेशों में आपने अक्सर देखा होगा कि घर मे कई तरह के कमरे होते हैं और बच्चे से लेकर बड़े सभी अपने कमरे में सोते हैं। ये ही देखकर हमारे देश में भी लोग बड़ा घर लेना चाहते हैं ताकी हर किसी को अपना कमरा मिल सके। टीनएज की उम्र में आपके बच्चे को आप अलग कमरा दे दे तो ठीक, लेकिन छोटे बच्चों को अगर आप अपने पास सुला रहे हैं तो ये बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं। अक्सर लोग छोटे बच्चों को भी अलग कमरा देना चाहते हैं और बच्चे भी ऐसी ही जिद करते हैं, लेकिन ये उनका बालमन पर बूरा असर डालता है। अगर आपका बच्चा आपके पास नहीं सोता है तो उसे सुलाएं। आपको बताते हैं कि बच्चों के अपने साथ सुलाने से क्या फायदा मिलता है।

आजकल की जिदंगी में हर कोई बिजी है। बच्चे स्कूल और कोचिंग में बिजी हैं तो माता पिता नौकरी और घर के काम में ऐसे में बच्चों को माता पिता के साथ वक्त बिताने का मौका नहीं मिलता। बच्चे धीरे धीरे अपने पैरेंट्स से दूर होने लगते हैं और उन्हें कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। जब आप बच्चे को अपने साथ सुलाते हैं तो ये उसके साथ साथ आपके लिए भी काफी अच्छा होता है।

सुरक्षित महसूस करना

भले ही पूरे दिन आपको अपने बच्चों के साथ टाइम ना मिलें, लेकिन जब आपके बच्चे आपके पास सोते हैं तो वह सुरक्षित महसूस करते हैं। बच्चे स्कूल और कोचिंग में कई तरह की परेशानी का सामना करते हैं, लेकिन आपके पास ना रहने से वह आपको बता नहीं पाते। जब बच्चे आपके पास सोते हैं तो उन्हें आपसे बात करने का वक्त भी मिल जाता है और साथ ही उनके मन में ये भावना आती है कि उनके माता पिता उनकी देखभाल के लिए हैं।

बेडटाइम फिट

जब बच्चे कमरे में अकेले रहते हैं तो आप उन पर नजर नहीं रख पाते की वो सो रहे हैं या गेम खेल रहे हैं या फिर किसी बात से परेशान हैं। जब बच्चे आपके साथ सोते हैं तो वह सही समय पर सो जाते हैं। ना उन्हें गेम खेलने का वक्त मिलता है और ना ही कोई दूसरी मस्ती करने का मौका नहीं मिलता। वह समय से सोकर समय से उठते हैं और उनका पूरा दिन अच्छा बितता है।

भावनात्मकता से करीब

बच्चे बहुत ही कोमल मन के होते हैं जब वह शुरु से किसी से लगाव लगा लेते हैं तो सारी जिंदगी लगाए रहते हैं। वहीं अगर बचपन में माता पिता से वो करीब नहीं होते तो दूर भागते हैं। जब बच्चे आपके साथ सोते हैं तो दिन भर की बात, परेशानी , सपने हर बारे में बात करते हैं। आप भी जान पाते हैं कि आपके बच्चे की जिंदगी में सब सही चल रहा है या नहीं। ऐसे में छोटे बच्चों को तो अपने पास ही सुलाएं और उनसे बातें भी करें।

संस्कार

बच्चे जब आपके पास रहते हैं तो आपको भी मौका मिलता है उन्हें कुछ बाते सिखाने का र समझाने का। जब भी वो कोई गलती करें तो उन्हें समझाएं कुछ अच्छा करें तो उसकी शाबाशी दें। ये सारी बातें दिन की भागदौड़ में नहीं हो पाती इसलिए रात में सोने से पहले उन्हे .ये सारी बातें समझाएं। संस्कार के बीज बचपन से ही बो दिए जाते हैं तो बच्चे आगे चलकर एक अच्छे नागरिक बनते हैं।

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