चॉल के बाहर जैकी को साइन करने के लिए लगती थी मेकर्स की लाइन, फिल्मी स्टोरी से कम नहीं असल जिंदगी

आज के समय में बॉलीवुड में स्टार किड्स छाए हुए हैं और एक से बढ़कर एक फिल्में दे रहे हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब इस इंडस्ट्री में जमीन से उठकर लोग आते थे। इन्हें में से एक थे जैकी श्रॉफ जो मुंबई के एक छोटे से चॉल में रहते थे और यहीं से उन्होंने अपने बॉलीवुड में करियर की शुरुआत की थी। जैकी श्रॉफ आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके बेटे टाइगर ने बॉलीवुड में अपनी अच्छी पहचान बना चुके हैं और उनकी फीमेल फैन फॉलोइंग भी अच्छी है। हालांकि टाइगर जब इडंस्ट्री में आए तो उन्हें वह स्ट्रगल नहीं करने पड़ा जो उनके पिता जैकी ने किया था। उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़े कुछ अनोखे किस्से।

हीरो से की करियर की शुरुआत

जैकी श्रॉफ को आज पूरा बॉलीवुड जैकी दादा के नाम से बुलाता है। जब उन्होंने पर्दे पर कदम रखे तो वहां पहले से कई सितारे अपना कब्जा जमा चुके थे। इनके बीच में आया चॉल से निकला एक सितारा जो ऐसा चमचमाया की सबके होश उड़ गए। जैकी ने अपनी पहचान एक रोमांटिक और एक्शन हीरो के तौर पर बनाई और करियर में बदलाव लाते हुए कभी विलेन तो कभी आतंकवादी तक बने। उन्होंने सारा स्टारडम अपनी मेहनत से पाया था।

जैकी श्रॉफ ने 250 फिल्मों में काम किया जिनमें बहुत सारी फिल्में ब्लॉकबस्ट साबित हुई थीं। उनकी अपनी निजी जिंदगी भी एक तरह की प्रेरणा है और बिल्कुल किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती है। वह गरीबी से उठे थे और शोहरत का ताज अपनी मेहनत से कमाया था। फिल्म स्वामी दादा से उन्होंने पर्दे पर कदम तो रखा , लेकिन वो सफलता नहीं मिली। अगले ही पल जैकी के हाथ लगी सुभाष घई की फिल्म हीरो जिसने उनकी दुनिया पलट दी। हीरो बॉलीवुड में ब्लॉकबस्टर साबित हुई और जैकी रातों रात स्टार बन गए।

चॉल के बाहर मेकर्स की लगती थी लाइन

एक ही फिल्म से जैकी ने साबित कर दिया कि उनके अंदर टैलेंट की कोई कमी नही हैं। उनकी सफलता से डॉयरेक्टर और प्रोड्यूसर इतने प्रभावित हो गए थे कि उनसे काम करवाने के लिए उनके घर तक जाने लगे थे। भीड़ कभी कभी इतनी बढ़ जाया करती थी की मेकर्स को टॉयलेट के बाहर खड़े होकर उनसे फिल्म साइन करवानी पड़ती थी। सबसे हैरान कर देने वाली बात ये थी की पहली फिल्म हिट होने के बाद भी जैकी ने चॉल नहीं छोड़ा और वहीं रहा करते थे। प्रोड्यूसर और डॉयरेक्टर को भी चॉल में जाकर ही फिल्म साइन करवाना रहता था।

बात सिर्फ साइन करवाने तक नहीं रुकी। जैकी दादा ने कई फिल्मों की शूटिंग भी चॉल में की थी। यहां तक की विधु विनोद चोपड़ा और महेश भट्ट जैसे दिग्गज निर्देशक भी उनकी चॉल में फिल्म की बात करने जाते थे। अपने करियर में जैकी ने एक से बढ़कर एक फिल्में की जो जबरदस्त साबित हुई थी। इसमें रंगीला में राज कमल का किरदार जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। साथ ही अग्नि साक्षी में जैकी ने सूरज कपूर का किरदार निभाया था जो साल की बेस्ट फिल्म बनी थी। इसके साथ ही फिल्म देवदास में चुन्नी बाबू के रोल में भी उन्होंने खूब शोहरत बटोरीं। जैकी श्रॉफ के अंदर आज भी वह आग है कि पर्दे पर उन्हें कोई ना कोई दमदार रोल मिल जाता है और वह अपने आप को खरा साबित कर देते हैं।

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