गणपति की पूजा करते वक्त जरूर करें इन 5 मंत्रों का जाप, घर में आएगी सुख-समृद्धि

न्यूज़ट्रेंड वेब डेस्क: हिंदू धर्म में गणपति बप्पा का एक विशेष स्थान है कोई भी शुभ कार्य की शुरूआत हो या कोई भी नया कार्य शुरू होने जा रहा हो या कोई भी पूजा हो सबसे पहले गणेश जी की पूजा-अर्चना ही की जाती है। ऐसा माना जाता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत में गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाए तो वो कार्य सफल और अच्छे से हो जाता है, लेकिन गणेश जी की पूजा करने और उनके मंत्रों के जाप करने में लोग अक्सर कई गलतियां कर देते हैं, तो आज हम आपको गणेश भगवान की पूजा करने की सही विधि और उनकी पूजा में किए जाने वाले मंत्रों के बारे में बताते हैं।

सुबह उठकर सबसे पहले स्नान के बाद गणेश जी की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं और इस मंत्र का उच्चारण करे-

“साज्यं च वर्तिसंयुक्तं वह्निना योजितं मया,

दीपं गृहाण देवेश त्रैलोक्यतिमिरापहम्,

भक्त्या दीपं प्रयच्छामि देवाय परमात्मने,

त्राहि मां निरयाद् घोरद्दीपज्योत।”

सिंदूर दान

दीप जलाने और मंत्र उच्चारण के बाद बारी आती है गणेश जी को सिंदूर अर्पण करने की, जब गणेश भगवान को सिंदूर अर्पण करें तो इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

“सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्,

शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्।”

प्रसाद दान

सिंदूर के बाद बारी आती है गणेश भगवान पर प्रसाद अर्पण करने की वैसे तो गणेश भगवान को मोदक और बेसन के लड्डू काफी पसंद हैं लेकिन आप अपनी तथा अमुसार उनको कोई भी मिठाई या फल प्रसाद के रूप में चढ़ा सकते हैं। भगवान को प्रसाद चढ़ाते वक्त आपको इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

“नैवेद्यं गृह्यतां देव भक्तिं मे ह्यचलां कुरू,

ईप्सितं मे वरं देहि परत्र च परां गरतिम्,

शर्कराखण्डखाद्यानि दधिक्षीरघृतानि च,

आहारं भक्ष्यभोज्यं च नैवेद।”

माल्यार्पण

गणेश भगवान को प्रसाद चढ़ाने के बाद उन पर फूल चढाए जाते हैं और माला पहनाई जाती है, भगवान को माल्यार्पण करते वक्त इस मंत्र का जाप करें।

“माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो,

मयाहृतानि पुष्पाणि गृह्यन्तां पूजनाय भोः।”

यज्ञोपवीत

गणेश जी के पूजन में यज्ञोपवीत का विशेष महत्व है, और इसके चलके इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

“नवभिस्तन्तुभिर्युक्तं त्रिगुणं देवतामयम्,

उपवीतं मया दत्तं गृहाण परमेश्वर।”

इस विधि और मंत्रों के साथ यदि आप गणेश भगवान की उपासना करते हैं तो उनकी कृपा दृष्टि आप पर जरूर बरसती है और आप के सभी कार्य सफलता पूर्वक और बिना विघ्न के हो जाते हैं।