राफेल डील पर पीएम मोदी के साथ आए अखिलेश यादव, राहुल को लगा बड़ा झटका

भारत और फ्रांस के बीच राफेल डील को लेकर दायर याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया तो इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई। राफेल डील में कथित घोटाले को लेकर एकत्रित विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इतर वितर नजर आई। जी हां, राफेल डील पर भले ही कांग्रेस अपने स्टेंड पर खड़ी हो, लेकिन विपक्षीय पार्टियों के मत अलग अलग नजर आए। जहां एक तरफ कुछ नेता इसे सही फैसला बता रहे हैं, तो कुछ गलत भी बता रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

राफेल मुद्दे पर अब केंद्र सरकार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर देश में अफवाह फैलाने का आरोप लगा रही है तो विपक्षीय खेमा भी उनसे अलग थलग नजर आ रही है। कांग्रेस पार्टी अभी भी इस मुद्दे पर जांच मांग रही है तो वहीं दूसरी तरफ राहुल के दोस्त अखिलेश ने इस मुद्दे पर उनका साथ छोड़ दिया है। राफेल डील पर अखिलेश ने शनिवार को एक कार्यक्रम में बड़ा बयान देते हुए कांग्रेस की आखिरी उम्मीद को खत्म कर दिया। अखिलेश यादव ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आए फैसले का सम्मान किया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य

अखिलेश यादव ने राफेल डील पर बात करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम है और अब इस पर किसी भी  तरह की कोई जांच की ज़रूरत नहीं है। अखिलेश ने अपनी बात को आगे कहते हुए कहा कि देश की जनता को सबसे ज्यादा भरोसा सुप्रीम कोर्ट पर है, क्योंकि वह सुप्रीम है। ऐसे में अब राफेल डील पर किसी भी तरह की जांच की मांग करना कोर्ट की आवमानना का मामला बन जाएगा। अखिलेश ने कहा कि इस मामले में कोर्ट को पहले नहीं लाना चाहिए था, लेकिन जब अब कोर्ट आ गया तो उसे सबको स्वीकार करना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के अक्ष्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हमने राफेल डील की जांच जेपीसी से कराने की मांग तब की थी, जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट के पास नहीं गया था, लेकिन अब जेपीसी जांच कराने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय का है। कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोर्ट ने सभी पहलूओं पर ध्यान देते हुए ही यह फैसला लिया है, ऐसे में अब कोई जांच नहीं।

राहुल जनता से माफी मांगे

वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री ने शुक्रवार को संसद में कहा कि राहुल गांधी ने पूरे देश को गुमराह किया और लोकप्रिय प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने की कोशिश की, इसलिए राहुल गांधी देश की जनता से माफी मांगे। इसके अलावा अमित शाह ने राहुल गांधी से पूछा कि आपको इसकी जानकारी किन सूत्रों से मिली है, वह सूत्र हमे लाकर बताए, हम इस पर आज भी चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन सारे चोर एकजुट हो गई।