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छठ पूजा 2018 : इन चीजों के बिना अधूरी मानी जाती छठ पूजा

छठ पुजा पूर्वांचल सहित देश के अन्य इलाकों में भी पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं और यह त्यौहार पूरे चार दिनों तक मनाया जाता हैं। छठ त्यौहार की शुरुआत नहाय खाय से होता हैं और इस साल छठ पुजा की शुरुआत 11 नवंबर से होगा और यह 14 नवंबर तक चलेगा। 11 नवंबर को नहाय खाय, 12 को खरना, 13 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 14 नवंबर को सुबह का अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पुजा सबसे कठिन पुजा मानी जाती हैं क्योंकि व्रत रहने वाली महिलाएं 36 घंटे तक बिना कुछ खाय और पिये रहती हैं। यह व्रत संतान के सुख के लिए किया जाता हैं और इस दिन सूर्य देव के साथ छठी मैया का भी पूजन किया जाता हैं। दरअसल आज हम आपको छठ पुजा मेंछठ पुजा में शामिल होने वाले चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं क्योंकि छठ पुजा में इन सामानो को शामिल नहीं किया तो आपकी पुजा अधूरी रह जाएगी।

बांस की टोकरी

छठ पुजा में बांस की टोकरी जरूर शामिल करे क्योंकि इसे आध्‍यात्‍म की दृष्टि से शुद्ध माना जाता हैं और बांस की टोकरी में ही पुजा के सभी सामान रखकर अर्घ्य देने के लिए पुजा स्थल तक ले जया जाता हैं।

प्रसाद के लिए ठेकूआ

इस पुजा में ठेकूआ का प्रसाद सबसे महत्वपूर्ण होता हैं और इसे गुड़ और आटे को मिलाकर बनाया जाता हैं, ठेकूआ छठ पर्व का प्रमुख प्रसाद माना जाता हैं।

गन्ना

छठ पुजा में गन्ने का बहुत खास महत्व होता हैं, अर्घ्य देते समय पुजा की सामग्री में गन्ने का होना बहुत जरूरी होता हैं। यह मीठे का सबसे प्रमुख स्रोत माना जाता हैं और यह छठी मैया को बहुत प्रिय हैं।

केला

छठ पुजा केले के बिना अधूरी मानी जाती हैं और अर्घ्य देते वक्त केले का पूरा गुच्छा अर्पित किया जाता हैं| इसके अलावा केले का इस्तेमाल छठ के प्रसाद के रूप में किया जाता हैं।

चावल का लड्डू

छठ के पुजा में चावल के लड्डू को खास तौर से बनाया जाता हैं। इस चावल की खूबी यह है क‌ि यह धान की कई परतों में तैयार होता है, जिसके कारण इसे क‌िसी भी पक्षी द्वारा झूठा नहीं क‌िया जा सकता है। ऐसी मान्यता हैं कि छठी मैया अशुद्ध प्रसाद स्वीकार नहीं करती हैं और इसलिए इनको प्रसाद चढ़ाते वक्त बहुत ध्यान दिया जाता हैं।

पानी वाला नारियल

छठ पुजा में शामिल की गयी सामग्रियों में पानी वाला नारियल बहुत महत्व रखता हैं और छठी मैया को भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता हैं, दरअसल छठ मैया के भक्ति गीतों में केले और नारियल का भी जिक्र किया हैं।

डाभ नींबू

खट्टे के तौर छठी मैया को डाभ नींबू अर्पित किया जाता हैं और यह एक विशेष प्रकार का नींबू होता हैं, डाभ नींबू अंदर से लाल और ऊपर से पीला होता हैं और इसका स्वाद भी हल्का खट्टा-मीठा होता हैं। अर्थात यदि आपने इन सामानो को अपने छठ पुजा में शामिल नहीं किया गया तो आपकी पुजा अधूरी मानी जाएगी और छठी मैया आपसे नाराज हो जाएंगी।

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