दशहरा में खास रावण से सीखने वाली 4 अहम बातें, हर किसी को जरूर जानना चाहिए

पूरा देश दशहरा मना रहा है और रावण की प्रतिमा को जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत होती है इसका संदेश दिया जाता है. मगर रावण से जो बातें सीखनी चाहिए उन बातों का ध्यान वे नहीं देते. दुनिया में हर कोई बुलंदी छूना चाहता है लेकिन उसे सफलता हासिल हो ये जूरूरी तो नहीं. मेहनत हर कोई करता है लेकिन सफलता किसी-किसी को मिलती है और अगर आप इस बात को जानना चाहते हैं कि ऐसा कैसे होता है तो आपको रावण के बारे में रिसर्च शुरु कर देनी चाहिए. अगर आप दुनिया जीतना चाहते हैं तो इस दशहरा में खास रावण से सीखने वाली 4 अहम बातें, इन बातों को जानने और अपनी जिंदगी में उतारने के बाद आपका जीवन बदल सकता है और यकीन मानिए इसके बाद आपकी जिंदगी में बहुत से बदलाव आएंगे जो आपको खुशियां ही खुशियां देकर जाएंगे.

दशहरा में खास रावण से सीखने वाली 4 अहम बातें

पूरी दुनिया को रावण के अंदर की बुराई दिखती है मगर कोई ये क्यों नहीं समझता कि रावण भी एक इंसान था और गलती इंसान से ही होती है जिसकी सजा उसे यहीं भोगनी होती है. मगर हर इंसान की तरह उसके अंदर भी बुराई के साथ-साथ कुछ अच्छाई भी थी और उसके अंदर की कुछ खास बातें आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

 ज्ञान का सागर

इस बात को तो सभी जानते हैं कि रावण के बास ज्ञान का भंडार था. उससे बड़ा ज्ञानी कोई नहीं था और इसी ज्ञान के बल पर उसने तीनों लोकों पर कब्जा किया हुआ था. ये रावण का ज्ञान ही था कि जिसकी वजह से श्रीराम ने रावण के आखिरी समय में अपने भाई लक्ष्मण को उससे शिक्षा लेने के लिए भेजा था. रावण की इस खूबी से हमें ये शिक्षा मिलती है कि अगर आपके पास ज्ञान हो तो आपके दुश्मन भी आपका सम्मान कर सकते हैं.

दृढ़ संकल्प करना

रावण बहुत दृढ़ संकल्प वाला पुरुष था, वो जिस चीज को पाना चाहता था उसके हासिल करने की पूरी कोशिश करता था. रावण के इसी स्वभाव से इस बात का पता लगाया जा सकता है कि उसने धन रत्न कुबेर को भी बंधक बना लिया था. अगर आप भी अपने जीवन के हर मोड़ पर सफल होकर आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको उसके लिए कोई ना कोई दृढ़ संकल्प करना होगा.

पराई स्त्री का सम्मान करना

रावण अपनी पत्नी मंदोदरी से बहुत प्यार करता था. इसके बावजूद उसने सीता माता का हरण किया था जो उसे भारी पड़ा. रावण की इस कहानी से ये शिक्षा मिलती है कि सफलता और असलफला के पीछे महिलाओं का बहुत बड़ा हाथ होता है. इसलिए जिंदगी में तरक्की पाने के लिए हमेशा महिलाओं का सम्मान करें और उनकी भावनाओं को कभी ठेस नहीं पहुंचाएं फिर वो महिलाएं अपने घर की हों या किसी पराए घर की.

धर्म में घोर आस्था रखना

रावण बहुत बड़ा ज्ञानी होने के साथ-साथ भगवान शिव का परम भक्त था. तीनों लोकों को अपने कब्जे में करने के बावजूद वो शिवजी के लिए कुछ भी कर सकता था और उसकी धर्म में आस्था बहुत गहरी थी.

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