जांघों के बीच की खुजली को 1 दिन में कर सकते हैं ठीक, बस अपनाइए ये आसान उपाय

दोनों पैरों के बीच यानी जांघों के आसपास लोगों को खुजली करते आप सबने देखा होगा। अपने प्रियजनों को भी इस बीमारी से जूझते देखा होगा। अकसर ये बीमारी गर्मियों के मौसम में पसीना ज्यादा होने से और चिपकने से जांघों के बीच में खुजली होने लगती है। जांघों के बगल में होने से ये जल्दी ठीक भी नहीं होती है।

ऐसे में कई बार जब हम दफ्तर या सार्वजनिक जगहों में होते है तो खुजली करने से शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है। इसी लिए हम आपको आज ऐसी आयुर्वेदिक व घरेलू शुद्ध रूप से देशी इलाज लाए हैं जिससे आप खुजली से निजात पा सकते हैं वो भी बिना किसी साईड इफेक्ट के। ये नुस्खे बेहद कारगर हैं, और आजमाएं हुए हैं।

आंवला और नारियल का तेल

आवंला खाने से जहां कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं, वहीं खुजली दूर करने के लिए आवंला की गुठली जलाकर उसे पीस ले। फिर उसमें नारियल का तेल मिलाकर खुजली पर लगाए। दो दिनों में खुजली का नामों निशान मिट जाएगा।

सरसों का तेल पानी और चूना

सरसों के तेल में चूना और पानी मिलाकर थोड़ा गीला कर लें। जिससे खुजली समाप्त हो जाती है।

घर में रखी अजवाइन भी कारगर

खुजली के लिए 20 ग्राम आजवायन को 100 ग्राम पानी में उबाल लें, शरीर में जहां भी खुजली हो, वहां पानी लगा लें खुजली समाप्त हो जाएगी। साथ ही हल्के पानी में आज्वाइन को पीस लें और खुजली के ऊपर लगाएं खुजली जड़ से समाप्त हो जाएगी।

खट्टा दही भी लगाएं

जांघों के बीच में खुजली हो तो खट्टा दही लगा लें। दही में भी खुजली दूर करने का गुण पाया जाता है।

नींबू और केला

केला जितना खाने में जितना गुणकारी है। उतना ही केला बीमारियों में भी कारगर है। नींबू को केले के रस में मिलाकर खुजली वाली जगह पर लगाएं इससे भी खुजली ठीक हो जाती है।

नींबू का रस और नारियल तेल

नारियल तेल और नींबू का रस मिलाकर हल्के हाथों से मालिश करने से खुजली ठीक हो जाती है।

दाद का भी है घरेलु उपाय

दाद, खाज खुजली, एग्जिमा, चकावर, ललौसी, ये ऐसी बीमारी हैं, जो किसी को भी हो सकती हैं, लेकिन इस सब में जहां घरेलु उपाय कारगर हैं, वहीं दूसरी तरफ जड़ से मिटाने में भी आगे हैं। ऐसा ही है गाय का घी। जो कि कैंसर से भी लड़ने की क्षमता होती है। माना जाता है कि गाय का घी जितना पुराना होता है वो उतना अधिक गुणी होता है। पुराना घी तीक्ष्ण, खट्टा, तीखा और उष्ण होता है जो सभी तरह के चर्म रोगों को ठीक कर देता है। इस कारण दस वर्ष पुराने घी को कोंच और ग्यारह वर्ष पुराने घी को महाघृत कहते हैं।

ऐसे करें घी का इस्तेमाल

एक्जिमा के लिए गाय का घी रामबाण इलाज है, गाय का घी जितना खाने के लिए लाभकारी है उतनी ही बीमारियों क दूर करने में भी, साथ ही इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता। दाद के इलाज के लिए कालीमिर्च, मुरदाशंख और कलईवाला नौसादर 10-10 ग्राम लेकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें गाय का घी डालकर अच्छे से मिला लें। पेस्ट तैयार होने के बाद दिन में तीन से चार बाल इसको लगाएं। एक्जिमा कुछ दिनों में खत्म हो जायेगा।

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