अयोध्या विवाद: कांग्रेस और सपा की गलतियों का भुगतना पड़ रहा है आज तक खामियाजा, जानें मुख्य बातें

अयोध्या के राम मंदिर और विवादित ढांचे को ढहाए जाने की घटना को सालों बीत चुके हैं। समय ने उस समय धधके ज्वालामुखी को थोड़ा शांत कर दिया है। लेकिन यह ज्वालामुखी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है। क्षेत्रीय दलों की जातिवादी और अल्पसंख्यकों के प्रति तुष्टिकरण की सोच नहीं बदली है। मुलायम सिंह यादव उस समय की घटना पर गोली चलवाने के लिए आज भी गौरवान्वित महसूस करते हैं। वही हाल लालू यादव का भी है। पक्षिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वहाँ के राजकीय त्यौहार की महत्ता को भी अपने राजनीतिक फायदे के लिए कम कर दिया है।

इस समय देश की सबसे बड़ी एवं पुरानी पार्टी कांग्रेस की हालत कुछ ठीक नहीं लग रही है। वक़्त की मार की वजह से इस समय यह वक़्त आ गए है कि उसे खुद को हिन्दू साबित करना पड़ रहा है। अयोध्या में विवादित ढाँचा ढहाए जाने के बाद बीजेपी ने रक्षात्मक रुख अख्तियार किया था, जबकि कांग्रेस आक्रामक हो गयी थी। तब से लेकर अब तक भगवान राम न्याय की राह देख रहे हैं, जबकि देश में कई बड़े राजनीतिक बदलाव हो चुके हैं। देश की युवा पीढ़ी यह सवाल पूछ रही है कि इसका हल अब तक क्यों नहीं निकला।

आज की युवा पीढ़ी इतिहास और श्रद्धा पर भी सवाल उठाने से नहीं हिचकती है। 6 दिसंबर 1992 का दिन वह दिन था जिसे आज तक देशवासी नहीं भूल पाए हैं। उस समय एक आंधी आयी और सबकुछ बहा ले गयी। उस अंधी का असर आजतक देखा जा सकता है। वह समय था जब राजनीतिक गलियारे में परिपक्वता की सबसे ज्यादा जरुरत थी और राजनेताओं को राजनीति से उठकर देश के भविष्य और सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए था। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और उसका खामियाजा हमें आज तक भुगतना पड़ रहा है। मुलायम सिंह ने इस घटना को आतंक और आतंकवादियों से कर दी थी।

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कांग्रेस इस घटना से अपना दमन बचाने की कोशिश में लगी रही। उसके बाद देश में क्या-क्या हुआ यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। गुजरात का वो भयानक दंगा आज भी लोगों की यादों में बसा हुआ है। वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से कांग्रेस के लिए अब यह समय आ गया है कि जुसे खुद को हिन्दू और शिवभक्त बताना पड़ रहा है। कांग्रेस शायद यह भूल गयी है कि आज से 10 साल पहले उसनें ही सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर राम के अस्तित्व पर सवाल उठा दिया था। अब वह जनेऊ और तिलक दिखाकर खुद को राम और शिवभक्त बता रही है।

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