शादी के दिन होने वाली बारिश देती है विशेष संकेत, जानिए इसका अभिप्राय

भारत में शादी के बन्धन को जितना महत्व दिया जाता है उतना ही इसके आयोजन को भी.. विवाह उत्सव को लेकर सभी लोग बहुत उत्साहित रहते हैं और दुल्हा दुल्हन के घर वालों से लेकर नाते रिश्तेदार इसकी तैयारियों में जुटे रहते हैं। सभी की यही कोशिश रहती है किसी तरह से ये शादी का आयोजन अच्छे से निपट जाए .. ऐसे में लोगों के मन में कही ना कहीं ये भी आशंका बनी रहती है कि उस दिन बारिश हो गई तो फिर क्या होगा। शादी में ये बिन बुलाई बरसात. घरातियों और बरातियों, दोनों के लिये आफत बन जाती है .. वैसे हमारे यहां शादी के दिन होने वाली बारिश को लेकर कई सारे विश्वास एवं अंधविश्वास भी जुड़े हैं। कोई कहता है ये शुभ सगुन है जबकि कोई इसे आपदा मानकर भगवान से मिन्नतें करता है कि काश मेरी शादी में बारिश ना हो । अगर आपके मन में भी कुछ ऐसी ही दुविधा है तो आज हम आपकी इस दुविधा का हल लेकर आएं .. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वास्तव में शादी के दिन होने वाली बारिश क्या संकेत देती है।

वैसे शादी के दिन होने वाली बारिश, विवाह आयोजन के लिए थोड़ी परेशानी का सबब जरूर बनती है .. इससे विवाह की तैयारियों में बांधा उत्पन्न होती है और यही वजह है कि दूल्हा-दुल्हन से लेकर घराती और बराती जिस बात की सबसे ज्यादा चिंता करते हैं, वो ये है कि अगर शादी में बारिश हो गई तब क्‍या होगा? लेकिन हम आपको बता दें कि शादी में हो रही बारिश आपको थोडा बहुत परेशान भले ही करती है पर वास्तव में ये बहुत अच्छा सगुन होती है। असल में बारिश प्रकृति का दिया हुआ विशेष संकेत है.. आइए जानते हैं इस विशेष संकते का अभिप्राय..

जिस तरह वर्षा धरती के लिए फलदायी होती है.. वैसे ही ये विवाह आयोजन के लिए भी अच्छे भाग्य का प्रतीक है। इसका मतलब है कि जिस प्रकार  धरती के सूखे को खत्म करने के लिए बारिश होती है ..बंजर ज़मीन भी फसलों से लहलहा उठती है उसी तरह ये बारिश की बूंदो के रूप में ईश्वर का आर्शीवाद बरसता है जो कि विवाह की सफलता का सूचक है और ये प्रकृति की तरफ से वर वधु दोनो को दिया गया शुभ सगुन है।

बारिश वास्तव में समृद्धी का प्रतीक है ..ये  शारीरिक और भौतिक दोनों रूपों में समृद्धि का संकेत है। इस तरह शादी के दिन होने वाली बारिश सुख समृद्धि का प्रतीक है। इसका अभिप्राय ये है कि ये शादी ना सिर्फ सफल रहेगी बल्कि वर वधु का दाम्पत्य जीवन खुशहाल और समृद्ध रहेगा।

शादी के दिन होने वाली बारिश परिवार के बढ़ने का भी संकेत देती है। दरअसल बारिश का पानी जिस तरह से फसलों के लिए उपजाउ साबित होता है उसी तरह बारिश भी नव दम्पत्ति के परिवार बढ़ने का संकेत है।

इसके साथ ही शादी के दिन होने वाली बारिश को लेकर हिन्दू संस्कृति में एक मान्यता ये भी है कि शादी के दिन हो रही बारिश की बूंदे अगर वर-वधु को बांधने वाली ‘कन्यादान की गांठ’ पर पड़ जाती है तो उनका रिश्ता और मजबूत हो जाता है।

 

 

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