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मोदी-केजरी सरकार ने बीच नई दुश्मनी की शुरुआत, केजरी ने पीएम आवास योजना को लागू करने से किया मना

नई दिल्ली: यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है कि केजरीवाल सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की आपस में कभी नहीं बनी। दोनों हर मामले में एक दुसरे से विपरीत चलते हैं। अब इन दोनों सरकारों के बीच एक नई दुश्मनी की शुरुआत होने जा रही है। हाल ही में दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू करने से इनकार कर दिया है। मुख्यमंत्री और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के चेयरमैन अरविंद केजरीवाल ने साफ शब्दों में कहा कि वह दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू नहीं करेंगे।

झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को दिए जायेंगे फ़्लैट:

इस मामले के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच की दूरी और बढ़ सकती है। जानकारी के लिए आपको बता दें प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना है। दिल्ली में भी इस योजना को लागू करने की केंद्र सरकार की योजना है। इस योजना के तहत दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को फ़्लैट बनाकर दिया जाना है।

राज्यपाल ने इस योजना लागू करने के लिए बुलाई थी बैठक:

इस योजना को अच्छी तरह से लागू करने के लिए कुछ दिन पहले राज्यपाल अनिल बैजल ने उन सभी सभी एजेंसियों की बैठक बुलाई थी, जिनकी जमीनों पर झुग्गियां बनी हुई हैं। बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना पर गंभीरता से काम करने के लिए कहा था। आपको बता दें इस बैठक में दिल्ली सरकार, रेलवे, डीडीए, लोक निर्माण विभाग, तीनों नगर निगम, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद सहित तमाम एजेंसियां शामिल हुई थीं।

योजना का उद्देश सभी को 2022 तक उपलब्ध करना है घर:

इसके बाद से ही अधिकतर एजेंसियां प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू करने की तैयारी में लगी हुई हैं, लेकिन दिल्ली सरकार यह मानने को तैयार ही नहीं है कि यह योजना दिल्ली के हित में है। इस योजना के अंतर्गत शहर के निर्धन परिवारों को सस्ते घर बनाकर दिये जायेंगे। सरकार ने इस योजना के लिए 9 राज्यों के 305 नगरों एवं कस्बों को पहले ही चिह्न्ति किया हुआ है, जहाँ यह घर बनाए जाएंगे। इस योजना की शुरुआत 25 जून 2015 को की गयी थी। इस योजना का उद्देश्य 2022 तक सभी को घर उपलब्ध कराना है।

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