जब तांबे के छूने से पानी बन जाता है अमृत, जानिये वह बातें जो आप ने अब तक न सुनी होगी

इस ग्रह पर जीवन को बनाए रखने के लिए पानी सबसे आवश्यक तत्व है. मानव शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है. आपको शायद यह पता न हो लेकिन प्राचीन समय में हमारे पूर्वजों द्वारा तांबे से बने कंटेनरों में पानी पीने का रिवाज़ था जिससे वो  हमेशा स्वस्थ रह सके. हजारों सालों से भारत के लोग और कई अन्य एशियाई देशों में तांबे के बर्तन से पीने के पानी के लाभों को पहचाना गया है. प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में तांबे के बर्तनों में पानी पीने से कई स्वास्थ्य लाभों का उल्लेख किया गया है. वर्तमान मेडिकल चिकित्सा प्रणालिया भी इस प्राचीन आयुर्वेदिक अभ्यास का समर्थन करने लगी हैं.

तांबे के बर्तन में रखे हुए पानी के फायदे-

तांबे के बर्तन में पानी को रखने से पानी एक प्राकृतिक शुद्धि प्रक्रिया से गुजरता है. इस प्रक्रिया को करने से पानी के सभी सूक्ष्मजीव, मोल्ड्स, एलगी और बैक्टीरिया आदि मर जाते है. ये पानी में मौजूद शरीर के लिए सभी हानिकारक तत्वों को मार देता है और पानी को पीने के लिए पूरी तरह से उपयुक्त बनाता है. तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी जिसे रात भर या कम से कम चार घंटे तक रखा हो वो एक निश्चित गुणवत्ता प्राप्त कर लेता है और हमारे शरीर में ऊर्जा उत्पन्न करता है. तांबा एक आवश्यक खनिज है जो मानव स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. इसमें रोगाणुरोधी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-कैसिनोजेनिक और एंटी-प्रज्जनात्मक गुण होते हैं. यह विषाक्त पदार्थों को बेअसर करने में भी मदद करता है.

वात, पित्त और कफ रोग का इलाज़-

आयुर्वेद के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी हमारे शरीर में दोषों या ऊर्जा को विनियमित करता है और वात, पित्त और कफ  करता है. अध्ययनों से पता चलता है कि तांबे के बर्तन में रातों रात (कम से कम चार घंटे तक) पानी को रखा जाए तो हमारे शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिलते है. हमारे शरीर के लिए तांबा आवश्यक है क्योंकि यह हमारे शरीर के विकास को नियंत्रित करता है. ये एंजाइम प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है और स्वास्थ्य को बढ़ाता है.

वजन कम करने में मदद-

तांबे के बर्तन में नियमित रूप से पानी पीने से आप अपना वजन कम करने में सफल हो सकते है. तांबे में कुछ ऐसे गुण होते है जो हमारे पाचन तंत्र को आकार में लाने की क्षमता रखते है. यह हमारे शरीर से  प्रभावी तरीके से वसा में कमी लाने में मदद करते है.

झुर्रियों से मुक्ति-

तांबा एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है. यह एंटीऑक्सिडेंट एंजाइम सुपरऑक्साइड डिसयूप्टस की मदद से हमारे सेल की झिल्ली को सुरक्षित रखता है. इससे समय से पहले आप बूढ़े नहीं होते है. तांबे में पानी पीने से आपकी त्वचा लम्बे समय तक स्वस्थ रहती है और आपको झुर्रियां भी नहीं होती. यह मृत त्वचा कोशिकाओं की जगह सेल पुनर्जनन को बढ़ावा देता है.

थाइरोइड रोग से मुक्ति –

शरीर में थाइरोइड रोग से थायराइड हार्मोन के स्तर में संतुलन खराब होने की वजह से होता है. हमारे शरीर में बहुत कम तांबा सामग्री होती है जो एक महत्वपूर्ण खनिज है. तांबे का काम का हमारे शरीर में थायराइड ग्रंथि के कामकाज को नियंत्रित करना है. शरीर में तांबे की कमी से कम थायरॉयड हार्मोन के स्तर वाले लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है. तांबा के बर्तनों से पानी पीन से तांबे की कमी पूरी हो जाती है और हमारे थायरॉइड स्तरों में संतुलन बनता है.

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