सदाबहार अभिनेत्री रेखा का फ़िल्मी करियर जितना शानदार रहा है उतनी ही उतार-चढ़ाव से भरी रही है उनकी निज़ी ज़िंदगी. अभिनेत्री रेखा की पूरी ज़िंदगी रहस्यों से भरी हुई है. उनकी ज़िंदगी के रहस्मय किताब के हर पन्ने पर पर लिखी हैं ऐसी कहानियां जो उनकी ज़िंदगी की दर्दभरी दास्तान बयां करती है. वैसे रेखा की ज़िंदगी में कई मर्द आये बावजूद इसके सच्चा प्यार पाने के लिए रेखा की तलाश अधूरी ही रह गयी.

हालांकि प्यार की हर कसौटी पर खरा उतरने की रेखा ने काफी कोशिशें की. रेखी की ज़िंदगी में एक वक़्त ऐसा भी आया जब अभिनेता विनोद मेहरा की मां कमला मेहरा ने रेखा की चप्पलों से पिटाई की थी. एक कामयाब अभिनेत्री होने के बावजूद रेखा उस महिला के सामने बेबस होकर चप्पलों से पिटती रहीं. क्यों हुआ था ऐसा, आईये जानते हैं.

विनोद मेहरा से बढ़ी नजदीकियां

ये उन दिनों की बात है जब विनोद मेहरा से रेखा की नजदीकियां बढ़ने लगी थी. बताया जाता है कि विनोद मेहरा की निज़ी ज़िंदगी भी डूबती हुई नांव की तरह थी क्योंकि उनकी पहली पत्नी मोनिका उन्हें छोड़ चुकी थी और दूसरी पत्नी बिंदिया गोस्वामी उन्हें छोड़कर मायके रह रही थी. रेखा से विनोद मेहरा की मुलाकात फिल्म ‘घर’ के सेट पर हुई.

शूटिंग के दौरान ही दो तनहा दिल एक-दूसरे के करीब आते गए और एक समय ऐसा आया जब दोनों ने एक होने का फैसला कर लिया. कहा जाता है कि रेखा और विनोद मेहरा ने गुपचुप तरीके से शादी भी कर ली थी. दोनों ने यह शादी कोलकाता के एक मंदिर में की थी जिसके गवाह बने मौसमी चटर्जी और उनके पति रितेश चटर्जी.

ससुराल में चप्पलों से हुआ स्वागत

बताया जाता है कि शादी के बाद विनोद मेहरा और रेखा कुछ दिनों तक कोलकाता में ही रुके जिसके बाद विनोद रेखा को लेकर मुंबई अपने घर पहुंचे. लेकिन यहां नई नवेली दुल्हन रेखा का स्वागत आरती से नहीं बल्कि चप्पलों से किया गया.

रेखा को विनोद मेहरा के साथ देखते ही उनकी मां कमला मेहरा गुस्से से आग बबूला हो गयीं. रेखा जैसे ही अपनी सास के पैर छूने के लिए आगे बढीं तब आशीर्वाद देने की बजाय कमला मेहरा उन्हें चप्पलों से पीटने लगीं. रेखा को अपनी मां से पीटता देख विनोद ने बीच-बचाव किया और किसी तरह रेखा को अपनी मां के चुंगल से छुड़ाया. रेखा को ससुराल के भीतर कदम नहीं रखने दिया गया लिहाज़ा विनोद ने रेखा को उनके घर पहुंचा दिया.

शादी के बावजूद नहीं मिला पत्नी का दर्जा

विनोद मेहरा ने रेखा से शादी तो कर ली लेकिन अपनी मां के खिलाफ़ जाके रेखा को अपनाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए. जब दोनों की गुपचुप शादी के बारे में टीवी शो में रेखा से पूछा गया तो रेखा ने इससे इंकार करते हुए विनोद को अपना अच्छा दोस्त बताया था. रेखा और विनोद का रिश्ता शादी में तब्दील तो हो गया लेकिन रेखा को न तो पत्नी का दर्जा मिल सका और न ही ससुराल में जगह. गौरतलब है कि विनोद मेहरा की मां के रूखे बर्ताव के बावजूद रेखा विनोद का इंतज़ार करती रहीं. लेकिन काफी समय तक जब वो नहीं आये तब फिर रेखा ने अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ने का फैसला किया और किरण कुमार के साथ प्यार का नया अध्याय शुरू कर दिया.

 

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