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अगर किसी दवाई से आप को होता है नुकसान तो इस तरह से आप कर सकते हैं शिकायत

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अक्सर देखा गया है कि दवाओं के साइड इफेक्ट होते हैं. कई बार ये साइड इफेक्ट इतने ज्यादा बढ़ जाते है कि इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं. अगर आपके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ है तो बहुत अच्छी बात है. लेकिन आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि दवाओं के साइड इफेक्टस के बारे में आप ना सिर्फ उस दवा के लिए शिकायत कर सकते हैं बल्कि अपने डॉक्टर्स को भी इस बारे में इत्तला कर सकते हैं. इतना ही नहीं, दवा का कोई असर ना होने की भी शिकायत की जा सकती है. आज हम आपको बताएंगे कैसे करें दवाओं के दुष्प्रभाव की शिकायत.
• दवाएं अगर डॉक्टर द्वारा लि‍खी गई है और या तो उसका कोई प्रभाव नहीं हो रहा है या फिर कोई दुष्प्र्भाव हो रहा है तो तुंरत अपने डॉक्टर को बताइए.


• दरअसल, 2010 में दवाओं के प्रभाव पर नजर रखने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम की शुरूआत की थी और इंडियन फार्माकोपिया कमीशन को राष्ट्रीय समन्वय केंद्र बनाया था. जहां से दवाओं की निगरानी की जाती है.


• फार्माकोपिया कमीशन ने देशभर में 250 केंद्र बनाए जहां से दवाओं पर निगरानी रखी जाती है. ये केंद्र मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में बनाए गए हैं. जिन्हें एडीआर सेंटर के नाम से भी जाना जाता है.
• फार्माकोविजिलेंस के एडीआर (Adverse Drug Reactions) सेंटर पर भी सीधे दवाओं के नुकसान की जानकारी दी जा सकती है.
• एडीआर (Adverse Drug Reactions) दवाओं के दुष्प्राभाव को लेकर निगरानी कर रही है. आप दवाओं की शिकायत फार्माकोपिया कमीशन की मोबाइल ऐप या फिर फार्माकोपिया कमीशन की वेबसाइट पर भी कर सकते हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर मुहिम भी चला रही है.


• दवा के साइड इफेक्ट की शिकायत आप टोल फ्री नंबर 18001803024 पर सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक कर सकते हैं.
• आपको बता दें, इंडियन फार्माकोपिया कमीशन में भेजी गई शिकायतों का आकलन और विश्लेषण करता है और इसकी रिपोर्ट ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को भेजी जाती है. DCGI इसकी अपने स्तर से जांच करता है. शिकायत सही पाए जाने पर दवा कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही भी करता है.
• लोग आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कर पाएं इसके लिए एक मोबाइल ऐप भी जारी किया गया है. पिछले 7 सालों में अब तक 3 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं.
• सभी लोगों को सुरक्षित और गुणवत्ता से भरपूर दवा मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है.

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