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ट्विन टावर गिराने का बटन दबाते ही रो पड़े चेतन दत्ता, 9 सेकंड में 29 और 32 मंजिला इमारत तबाह

रविवार, 28 अगस्त को जैसे ही घड़ी के कांटो ने मिलकर दोपहर के ढाई बजाए तब नियोजित तरीके से उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक भयंकर बलास्ट हुआ. लेकिन इस ब्लास्ट को देखकर लोग डरे नहीं, लोगों को कुछ हुआ नहीं, बल्कि लोग तो जश्न मना रहे थे. खुशिया मना रहे थे और मिठाईयां बांट रहे थे.

बता दें कि रविवार दोपहर को नोएडा में दो इमारतों को ध्वस्त किया गया है. Supertech नाम की गैर सरकारी कंपनी ने Twin Towers का निर्माण करवाया था. ट्विन टावर में दो इमारतें थी. एक 29 और एक 32 मंजिला. इस पर अवैध निर्माण और भ्रष्टाचारी के आरोप लगे थे. मामला कोर्ट में पहुंचा.

twin tower demolition

पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट में फिर देश की सर्वोच्च अदालत में. सर्वोच्च अदालत ने भी इसे अवैध ठहराया. साल 2013 में कोर्ट में मामले की शुरुआत हुई और अब साल 2022 में इसे ध्वस्त कर दिया गया. बता दें कि साल 2021 में 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने ट्विन टॉवर को गिराए जाने का आदेश दिया था.

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सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के एक साल बाद ट्विन टॉवर ढहा दिया गया. 29 और 32 मंजिला इमारतों को गिराने के लिए बखूबी तैयारियां की गई थी. कुछ दिनों पहले ही इसमें ब्लास्ट करने का ऐलान कर दिया गया था. पूरे देश की और मीडिया की निगाहें इस ब्लास्ट पर टिकी थी. लेकिन यह जानना जरूरी है कि आखिर ब्लास्ट किया किसने.

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आपको जानकारी के लिए बता दें कि ट्विन टावर में ब्लास्ट किया चेतन दत्ता ने और उनकी टीम ने. ब्लास्ट के लिए हरा बटन चेतन दत्ता ने ही दबाया था. उनका मिशन सफल रहा. हालांकि क्या आप जानते है कि बटन दबाने के दौरान चेतन ट्विन टावर से कितनी दूरी पर थे. उनके दिमाग में क्या चल रहा था. बटन दबाने के बाद ब्लास्ट हुआ इसके बाद उन्होंने क्या किया. इन सवालों के जवाब खुद चेतन दत्ता ने दिए.

chetan dutta

सफलतापूर्वक ब्लास्ट होने के बाद चेतन ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि, मैं ट्विन टावर से सिर्फ 70 मीटर दूर था. चेतन के साथ उनकी टीम भी मौजूद थी. कुल मिलाकर वे पांच लोग थे. हालांकि तब पांचों एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे. बस सब एक दूसरे के चेहरे देख रहे थे.

ब्लास्ट का बटन दबाने के बाद सभी ने मास्क लगाया और इमारत की ओर दौड़े. वे देखना चाहते थे कि एमरेल्ड कोर्ट को तो कुछ नहीं हुआ. लेकिन एमरेल्ड कोर्ट पूरी तरह सुरक्षित था. चेतन ने बताया कि हमने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ. बटन दबाने के 9 से 10 सेकेंड में पूरी बिल्डिंग गिर गई. बता दें कि इस दौरान चेतन रोने लगे थे. उनकी आंखें भर आई थी. हालांकि ये खुशी के आंसू थे.

chetan dutta

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