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पैदल ही 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन को निकल पड़ा युवक, पैर में छाले पड़े तो बोला- महादेव का प्रसाद

200 दिनों में पैदल चलकर 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन का लक्ष्य, 8728 KM की यात्रा को निकला शिव भक्त

बरेली (उत्तर प्रदेश) : धर्म, आस्था, भगवान के प्रति कई लोग बेहद समर्पित होते हैं. भक्ति भाव में कई लोग ऐसा कुछ कर जाते है जिसके बारे में कई लोग सोच भी नहीं पाते है. सावन के महीने में कांवड़िए भगवान शिव के दरबार पर पहुंचते हैं. पैदल ही कांवड़िए कई किलोमीटर की यात्रा तय करते हैं. लेकिन अब एक भगवान भक्त तो देश के 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन को पैदल निकल पड़ा है.

subhash nayak

यहां बात हो रही है सुभाष नायक की. सुभाष नायक भगवान शिव की भक्ति में डूबे हुए नजर आ रहे हैं. त्रिलोक स्वामी भगवान शिव के देश के अलग-अलग हिस्से में बने 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन का सुभाष ने लक्ष्य रखा है. सुभाष राजस्थान के जिला झुंझुनू के रहने वाले हैं. वे इस धार्मिक यात्रा के लिए अपने घर से 7 अगस्त 2022 को निकले थे.

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शुक्रवार रात को सुभाष नायक उत्तर प्रदेश के बरेली में पहुंचे थे. बता दें कि उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों के बीच मौजूद केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर चुके हैं. इसके बाद वे उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित भगवान विश्वनाथ यानी कि काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए निकले.

शुक्रवार रात को करीब साढ़े नौ बजे सुभाष नायक का बरेली आना हुआ. यहां उनका विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वंयसेवकों (RSS) ने स्वागत किया. शुक्रवार को रात्रि विश्राम भी उन्होंने बरेली में ही किया. वे रात में आरएसएस के केशव कृपा में ठहरे थे. शनिवार सुबह वे बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए निकल पड़े थे.

अपने घर झुंझुनू से अब तक सुभाष 1850 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं. पैदल यात्रा के दौरान सुभाष के पैरों में छाले पड़ गए. इसे लेकर उन्होंने दिल जीतने वाली बात कही. उन्होंने कहा कि मेरे पैर में छाले नहीं हैं. यह तो महादेव का प्रसाद है, जिसे पाकर मैं उनके द्वार की ओर बढ़ रहा हूं. ऐसा लगता है मानों अप्रत्यक्ष रूप से भगवान शिव हाथ पकड़ कर आगे बढ़ा रहे हैं.

सुभाष झुंझुनू में एक सिक्योरिटी गार्ड कंपनी में निदेशक के रूप में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि, ‘अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में’. उन्होंने यह भी बताया कि आखिर 1 ज्योतिर्लिंग की पैदल यात्रा का ख्याल उन्हें कैसे आया. सुभाष कहते है कि एक मुस्लिम व्यक्ति का वीडियो देखा था जिसमें करीब साढ़े आठ हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा कर उसने हज किया था. वे उससे प्रभावित हुए और इस यात्रा का संकल्प लिया. सुभाष ने 200 दिनों में पैदल 12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा का लक्ष्य रखा है.

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