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झगड़े के बाद पत्नी को यमुना नदी में फेंककर चला गया पति, फिर किस्मत ने बचा ली महिला की जान

जाको राखे साइयां मार सके ना कोई… इस पंक्ति का तात्पर्य है कि जिस व्यक्ति की रक्षा खुद स्वयं भगवान करते हैं उसका कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। दरअसल, आगरा के सिकंदरा क्षेत्र का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां पर पति ने अपनी पत्नी को कलेश के बाद यमुना पुल से नदी में फेंक दिया और वापस अपने घर चला गया। लेकिन महिला की जान बच गई। इसके बाद उसने अपने मायके वालों के साथ पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

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कलेश के बाद पत्नी को यमुना में फेंककर चला गया पति
दरअसल, फिरोजाबाद में सिरसागंज के नगला मदारी निवासी संतोषी नाम की युवती की शादी 8 साल पहले नारखी के खुशहालपुर निवासी अरविंद से हुई थी। संतोषी और अरविंद अपने बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता है और सिलाई का काम करता है। संतोषी के भाई चंद्र कांत के मुताबिक दोनों पति-पत्नी में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इससे पहले भी दोनों के बीच अक्सर झगडे होते रहते थे लेकिन बीते शुक्रवार को दोनों के बीच ज्यादा ही कहा सुनी हो गई।

इसके बाद अरविंद अपनी पति को दर्शन कराने के बहाने बटेश्वर ले गया। यहां पर यमुना नदी के किनारे खड़े होकर उससे बाते की और मौका देखते ही उसे यमुना के पुल से धक्का दे दिया। इसके बाद वह वापस अपने घर आ गया। घर आने के बाद उसे लगा अब तक उसकी पत्नी मर चुकी होगी लेकिन संतोषी जिंदा बच गई।

किस्मत से बच गई महिला की जान
दरअसल, संतोषी की किस्मत अच्छी थी कि जिस स्थान पर उसे फेंका गया था वहां पर पानी बहुत कम था और जल्दी ही वह किनारे पर आ गई। इस दौरान किनारे पर खड़े लोगों ने उसे पानी में देखा तो हड़कंप मच गया और कई लोग दौड़ते हुए उसे बचाने के लिए आ गए। इसके बाद अन्य लोगों ने युवती के मायके वालों को इसकी सुचना दी।

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इसके बाद संतोषी अपने मायके वालों के यहां गई। यहाँ से संतोषी के भाई ने अरविंद को कॉल किए और अपनी बहन से बात कराने की बात कही। लेकिन अरविंद पत्नी से बात नहीं करा रहा था और काफी देर तक उन्हें घुमाता रहा। इसके बाद संतोषी के भाई चंद्रकांत ने उत्तर प्रदेश 112 पर इसकी सूचना दी। इसके कुछ देर बाद ही पुलिस शख्स के घर पहुंच गई और आरोपी अरविंद को गिरफ्तार कर लिया गया। रिपोर्ट की माने तो पुलिस शख्स से इस मामले में पूछताछ कर रही है।

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