बलूच नेता ने PM मोदी से की अपील, पाकिस्तान से आजाद कराए बलूचिस्तान

Free Balochistan: नेला कादरीi  पिछले काफी समय से बलूचिस्तान में पाकिस्तान की मौजूदगी के खिलाफ कैंपेन चला रही हैं, ये बलूचिस्तान की सोशल ऐक्टिविस्ट और नेता हैं । नेला कादरी बताती है कि किस तरह पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर कब्जा कर वहां नरसंहार, आतंकवाद और  रेप की वारदात को अंजाम  दे रहा है। कादरी ने  यह भी बताया कि उन्हे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि मोदी बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई में मदद करेंगे

बलूचिस्तान पर भारत से उम्मीदों के बारे में कादरी ने कहा कि भारत के लोगों ने मोदी और बीजेपी को मजबूत बहुमत दिया है। मोदी बोल्ड और मजबूत नेता हैं। पूर्ववर्ती सरकार को ऐसा बहुमत नहीं मिला था और न ही इतना इंटरनैशनल समर्थन था। इंदिरा गांधी के साथ आंतरिक समस्याएं थीं लेकिन वह फिर भी बांग्लादेशियों के साथ खड़ी रही थीं। मोदी ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं? यदि मोदी मजबूत कदम उठाते हैं तो उन्हें पूरी दुनिया से समर्थन मिलेगा। इंडिया ने दुनिया में इज्जत कमाई है जबकि पाकिस्तान ने नफरत। इंडिया की मजबूती उसका लोकतंत्र है। इंडिया एक सेक्युलर स्टेट है। इंडिया और मोदी जी को बलूचिस्तान के मामले में गंभीरता से सोचने की जरूरत है। हमें कोई जल्दी नहीं है। बलूचिस्तान की आजादी भारतीय हितों के हक में है।

कादरी ने कहा, मे पिछले 15 सालो से पाकिस्तान के जुल्म सह रही हू ‘मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि भारत के लोगों और यहां की सरकार की अन्तरात्मा को जगाना चाहती हूं। मानवाधिकारों का उल्लंघन और लोगों को मारकर फेंक देना पाकिस्तान की नीति है। बच्चों और महिलाएं समेत करीब 25,000 लोग गायब हैं। इन्हें पाकिस्तानी आर्मी ने लोगों के सामने से अगवा कर लिया है। लोग इसके गवाह हैं लेकिन यह मामला केवल मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोगों के गायब होने का नहीं है। यह नरसंहार की हद तक पहुंच गया है।

  जानिये बलोचिस्तान पर बने सैकड़ों सामूहिक कब्रों का राज़

बलूचिस्तान में सैकड़ों सामूहिक कब्रें हैं। यह एक तरह से युद्ध की स्थिति है। इन्होंने हमारे गांवों को साफ कर दिया है। ये अंधाधुंध फायरिंग करते हैं। ये किसी की भी हत्या कर सकते हैं। चाहे वह एक साल की बच्ची हो, लड़की हो या महिला हो। ये इनके साथ रेप करने से भी बाज नहीं आते। यहां सरकारी यातना गृह हैं। एक पत्रकार को अगवा कर लिया गया था। उसे प्रताड़ित किया गया क्योंकि वह 25 साल की एक बलूच टीचर जरीना मारी के साथ हुए रेप का गवाह था। जब उस पत्रकार को छोड़ा गया तब उसने एशियन ह्यूमन राइट्स वॉच को अपनी रिपोर्ट दी थी। यहां से हजारों महिलाओं को अगवा किया गया। ये महिलाएं कहां हैं किसी को पता नहीं है। ये इनके साथ रेप करते हैं। यहां लगों की आवाज बर्बरता से दबाई जा रही है।’

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आप यह कैसे कह सकती हैं कि बलूचिस्तान स्वतंत्र राष्ट्र-राज्य था जबकि नेशन-स्टेट का यह आइडिया तो अपेक्षाकृत नया है? इस सवाल के जवाब में कादरी ने कहा, ‘बतौर नेशन-स्टेट बलूचिस्तान 1410 में बन गया था। यह चौथा कुर्दिश स्टेट है। पहला मेसोपोटामिया था। जब पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर हमला किया तब हमारे पास संसद थी। यहां कोई राजा या राजशाही वाली व्यवस्था नहीं थी। हमारे पास हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स था। हमारी अपनी सीमा थी और संविधान भी था। हमारे यहां कानून का राज था। हमारा संविधान पाकिस्तान के संविधान से पहले लिखा जा चुका था। पाकिस्तान से सैकड़ों साल पहले हमारा देश अस्तित्व में था। पाकिस्तान एक कृत्रिम स्टेट है जिसे अंग्रेजों ने बनाया। पाकिस्तान एक टेस्ट-ट्यूब कंट्री है।

जब कादरी से पूछा गया कि क्या बलूचिस्तान में मानवाधिकारों को उल्लंघन इसलिए तो नहीं हो रहा है क्योंकि वहां पाकिस्तान विद्रोहियों से जूझ रहा है? इस सवाल के जवाब में कादरी ने कहा, ‘यह स्वतंत्रता की लड़ाई है। हमलोगों पर पाकिस्तान का 27 मार्च, 1948 से कब्जा है। हम तब से ही पाकिस्तान से फ्री होने की जंग लड़ रहे हैं। अंग्रेजों ने बलूचिस्तान को तीन हिस्सों में बांटा था। हमलोग फिर से एक होने और अपनी जमीन को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान के लोगों से आजाद कराने की जंग लड़ रहे हैं। पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में लोकल अल कायदा और आईएसआईएस ग्रुपों को जन्म दिया है। पाकिस्तान ने इन ग्रुपों को जन्म बांग्लादेश में अल-शम्स और अल-बद्र की तर्ज पर दिया है। ऐसा उसने बांग्लादेशियों के नरसंहार के लिए किया था। वह बलूचिस्तान में भी ऐसा ही करना चाह रहा है। इन समूहों में सारे गैरबलूच लोग हैं।

  जानिये स्वतंत्रता की लड़ाई कश्मीर में अलगाववादियों के आंदोलन से कैसे अलग है?

बलूचिस्तान में चल रही स्वतंत्रता की लड़ाई कश्मीर में अलगाववादियों के आंदोलन से कैसे अलग है? इस सवाल के जवाब में कादरी ने कहा, ‘कश्मीर कभी एक देश नहीं रहा। यहां महाराजा का शासन था। कश्मीर हमेशा वृहत भारत का अंग रहा है। पाकिस्तान की कश्मीर में दिलचस्पी पानी को लेकर है न कि इस्लाम के कारण। पाकिस्तान ने कश्मीर के हिस्से को चीन से बेचा है। यदि पाकिस्तान सच में मुस्लिमों से सहानुभूति रखता है तो वह 30 लाख बंगालियों की हत्या नहीं करता। बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान, इंडिया, अफगानिस्तान और ईरान का हिस्सा नहीं रहा है। बलूचिस्तान हमेशा से एक स्वतंत्र देश रहा है। जाहिर है एक आजाद देश पर कब्जा किया गया है। लेकिन यह पूरा उपमहाद्वीप 1947 के पहले औपनिवेशिक शासन और क्षेत्रीय तानाशाहों से शासित था। यहां तो कोई आजादी ही नहीं मिली।

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