भगवान शिव की ऐसी अनोखी भक्ति नहीं देखी होगी आपने, साँप और बिच्छुओं से किया अभिषेक

इलाहबाद: सावन का महिना शिवभक्तों के लिए बहुत ही ख़ास होता है। इस महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनके भक्त तरह-तरह के प्रयत्न करते हैं। इस महीने में भगवान शिव के अभिषेक को प्रमुखता दी गयी है। भगवान के कुछ भक्त बहुत ही ज्यादा अनोखे होते हैं। उनके पूजा करने का ढंग यक़ीनन सबको हैरानी में डाल देता है। ऐसा ही भगवान भोलेनाथ का अजीबो-गरीब भक्त इलाहबाद में देखने को मिला।

शहर के बीचोबीच पुर्नेश्वर महादेव मंदिर पर किया गया अभिषेक:

यहाँ एक शिव भक्त ने अनोखे अंदाज में भगवान शिव का अभिषेक किया, जिसे देखकर लोगों की हैरानी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल उस व्यक्ति ने भगवान शंकर का अभिषेक जल या दूध से नहीं बल्कि जहरीले साँपों और विजखोपड़ों से ही कर दिया। आपको बता दें शहर के बीचोबीच लोकनाथ इलाके में स्थित पुर्नेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शंकर के शिवलिंग पर जहरीले साँपों, विजखोपड़ों और बिच्छुओं से अभिषेक का आयोजन करवाया गया था।

अजीबो-गरीब अभिषेक देखने के लिए लगा रहा लोगों का ताँता:

भगवान शंकर का 108 जहरीले साँपों और अन्य कई खतरनाक और जहरीले जीवों से भगवान शंकर का अभिषेक किया गया। इस अनोखे और अजीबो-गरीब अभिषेक को देखने के लिए भगवान शंकर के भक्तों का ताँता मंदिर में लगा रहा। भगवान शंकर के अभिषेक के बाद जहरीले साँपों का खेल मंदिर परिसर में ही शुरू किया गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस दौरान वहाँ पर यूपी पुलिस के कुछ जवान भी साँपों के इस खेल को देख रहे थे।

भोलेनाथ के यही सब हैं आभूषण:

मंदिर के पुजारी ने बताया कि भगवान शंकर को साँपों का साथ बहुत ही प्रिय है। यही वजह है कि विषधर साँपों और अन्य जीवों से उनका अभिषेक किया गया। ये सभी भोलेनाथ के आभूषण हैं, जिन्हें उनका हार कहा जाता है। आज के अमे में सभी लोग फूल-माला और सोने चाँदी से भगवान शंकर का अभिषेक कर देते हैं, जबकि भोलेनाथ को इन सब चीजों से कोई मोह नहीं है। जो भगवान शंकर का जरुरी आभूषण है, उसे कोई सजाता ही नहीं है।

इस मंदिर में कई सालों से यही परम्परा चली आ रही है कि यहाँ भगवान शंकर का अभिषेक जहरीले साँपों और बिच्छुओं से किया जाता है। भगवान शंकर की कृपा से इस दौरान किसी को कोई नुकसान भी नहीं पहुँचता है। स्थानीय डॉ. सविता ने बताया कि मैं यहाँ बचपन से ही देख रही हूँ कि भगवान शंकर का अभिषेक साँपों और बिच्छुओं से अभिषेक किया जाता है। भगवान शंकर की कृपा से जो भी यहाँ आता है, उसकी हर मनोकामना पूरी हो जाती है। उन्होंने बताया कि मैं पहले चलने में असमर्थ थी, लेकिन यहाँ आने के बाद पूरी तरह स्वस्थ्य हो गयी।

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