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भारत में पहली बार IOC बैठक, ओलंपिक मेजबानी की तरफ पहला कदम, नीता अंबानी का रहा अहम रोल

देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी के प्रयासों से भारत को पहली बारी अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की बैठक की मेजबानी मिली है। इसे भारत में पहली बार ओलंपिक के आयोजन के प्रयासों को लेकर एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। गौरतलब है कि नीता अंबानी आईओसी की सदस्य हैं।

भारत ने शुक्रवार को इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के 2023 (International Olympic Committee Session 2023) सेशन की मेजबानी हासिल की। बीजिंग विंटर ओलंपिक के समापन की पूर्व संध्या पर आईओसी के 139वें सेशन के दौरान भारत को यह सफलता मिली। इसमें आईओसी सदस्य नीता अंबानी ने महत्वपर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह मेजबानी जीतने के लिए आकर्षक बोली की अगुवाई की।

भारत 1983 के बाद पहली बार आईओसी सेशन की मेजबानी करेगा, जो देश की युवा आबादी और ओलंपिक आंदोलन के बीच जुड़ाव के एक नए युग की शुरुआत होगी। 2016 से ही आईओसी सदस्य और अलग-अलग आईओसी कमीशन में नीता अंबानी की भूमिका ने उन्हें खेलों को बदलने व ओलंपिक आंदोलन से जुड़ने की भारत की कोशिशों में मदद की है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके इस अनुभव ने ओलंपिक आंदोलन में भारत की भागीदार में अहम योगदान दिया। यह आईओसी सत्र 2023 को मुंबई लाने की भारत की कोशिशों की सफलता का अहम अंग था।

भारत ने मेजबानी हासिल करने के लिए जो बिड लगाई, उसके पीछे भी नीता अंबानी की ही प्रेरणा थी, जो भारतीय और वैश्विक खेल परिदृश्य में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।

नीता अंबानी स्वस्थ और खुशहाल समाज बनाने में मदद करने के लिए भारत की अगली पीढ़ी को खेल के मौके प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नीता अंबानी के लिए युवा खेलों को आगे बढ़ाना लंबे समय से फोकस रहा है और रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष के रूप में उनका उद्देश्य भारत में स्कूल-कॉलेज के खेल में क्रांति लाना तथा छात्र जीवन में ही एथलीट्स को खेल में करियर बनाने के लिए एक मंच प्रदान करना है। स्थापना के बाद से रिलायंस फाउंडेशन की तरफ से खेल को लेकर शुरू की गई पहल देशभर में 2.15 करोड़ युवाओं तक पहुंच चुकी है।

नीता अंबानी भविष्य में ओलंपिक गेम्स को भारत में लाने की अपनी महत्वाकांक्षा के बारे में मुखर रही हैं। 139वें सत्र में भी उन्होंने इस बात पर जोर डाला कि खेल भारत की महत्वाकांक्षी और भविष्य की दृष्टि के केंद्र में है और देश बड़े स्पोर्टिंग इवेंट का स्वागत करने के लिए तैयार है। फिलहाल उनका उद्देश्य हर युवा भारतीय के साथ जुड़ने और उन्हें ओलंपिक के अहम मूल्य उत्कृष्टता, दोस्ती और सम्मान को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 2023 में आईओसी सेशन इस आंदोलन के साथ भारत की साझेदारी के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगा।

मुंबई में आयोजित किया जाने वाला IOC सेशन 2023 भारतीय खेल के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। आईओसी सेशन 2023 भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा। इसके जरिए देश में बड़े खेल आयोजनों, विश्व स्तरीय ट्रेनिंग के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे, खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा और लाखों भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ एक अरब से अधिक खेल दर्शकों के जीवन को समृद्ध बनाने का अवसर मिलेगा.

आईओसी सेशन क्या है?

आईओसी सेशन, इसके सदस्यों की सालाना होनी वाली बैठक है, जिसमें भविष्य में होने वाले ओलंपिक के मेजबान शहर के चुनाव सहित वैश्विक ओलंपिक आंदोलन की प्रमुख गतिविधियों पर चर्चा और निर्णय लिया जाता है। इस तरह के सेशन में चर्चा के अन्य महत्वपूर्ण मामलों में ओलंपिक चार्टर को अपनाना या संशोधन, आईओसी सदस्यों और पदाधिकारियों का चुनाव भी शामिल रहता है।

ऐसी उम्मीद है कि 2023 में होने वाला आईओसी सेशन खेल की दुनिया के अहम लोगों के साथ-साथ वैश्विक मीडिया के करीब 1000 सदस्यों को 150 से अधिक देशों से भारत में लाएगा और 50 से अधिक खेल का प्रतिनिधित्व करेगा।

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