राजनीति

मैं जो कहता हूँ, वो करता हूँ। ज़ुबान का पक्का हूँ। अगले चुनाव के पहले यमुना ज़रूर साफ़ करेंगे – केजरीवाल

बीते दिनों से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें काफ़ी मात्रा में यमुना नदी में झाग दिखाई दे रहा है। जी हां इस तस्वीर के सामने आने के बाद से एक बार फ़िर यमुना नदी का ‘मैलापन’ सियासतदानों के लिए राजनीति करने का मौका लेकर आया है। बता दें कि इसी को ध्यान रखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद को जुबान का पक्का बताते हुए कहा कि अगले चुनाव से पहले यमुना नदी से गंदगी हट जाएगी।

उन्होंने कहा कि 2025 के चुनाव से पहले यमुना इतनी साफ हो जाएगी कि कोई भी व्यक्ति उसमें डुबकी लगाने से नहीं हिचकेगा। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए छह सूत्री कार्ययोजना की घोषणा भी की। उन्होंने एक संबोधन में इस पर विस्तार से बातचीत किया। इसके बाद उन्होंने एक ट्वीट कर भरोसा दिलाया कि चुनाव से पहले यमुना हर हाल में साफ हो जाएगी।


वहीं एक निजी चैनल को साक्षात्कार देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, “यमुना मेरी जिम्मेदारी है और अगले चुनाव तक साफ हो जाएगी।” इस मामले में वह किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहते हैं। यह 70 साल की समस्या है। इसके लिए उन्होंने पांच साल का समय मांगा था, लेकिन अब थोड़ा समय और दीजिए, अगले चुनाव तक यमुना साफ हो जाएगी। इसमें दिल्ली के लोगों की कोई गलती नहीं है।

यमुना में खुद डुबकी लगाने की बात कही केजरीवाल ने…

Kejariwal On Yamuna Pollution

इसके अलावा केजरीवाल ने कहा कि फरवरी 2025 को यमुना को स्नान योग्य मानक तक बनाने के लिए उनकी सरकार ने छह सूत्री कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि नए मलजल उपचार संयंत्र बनाए जा रहे हैं और पुराने संयंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, “इससे हमारी मलजल उपचार क्षमता लगभग 600 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) अपशिष्ट जल से बढ़कर 750 एमजीडी और 800 एमजीडी हो जाएगी।

” वहीं उन्होंने यह भी कहा कि यमुना में जिन चार प्रमुख नालों नजफगढ़, बादशाहपुर, सप्लीमेंट्री और गाजीपुर का पानी आता है, उनकों उनके मूल स्थान पर ही उपचारित किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा कि सरकार यमुना में औद्योगिक कचरे का निर्वहन करने वाले उद्योगों को बंद कर देगी।

छह सूत्री कार्यक्रम की दी जानकारी…

Kejariwal On Yamuna Pollution

मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘झुग्गी-झोपड़ी’ से आने वाले गंदे पानी को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। जिनका पानी अभी यमुना में जाता है। सरकार उन क्षेत्रों में घरेलू ‘कनेक्शन’ उपलब्ध कराएगी जहां सीवर नेटवर्क है। पहले उपभोक्ताओं को ‘कनेक्शन’ खुद लेना पड़ता था।

केजरीवाल ने कहा कि, “हमारे इंजीनियरों और अधिकारियों को उम्मीद है कि हम छह सूत्री कार्ययोजना लागू कर फरवरी 2025 तक यमुना को साफ कर पाएंगे। प्रत्येक कार्रवाई सूत्र के लिए विशिष्ट लक्ष्य तय किए गए हैं, मैं व्यक्तिगत रूप से प्रगति की निगरानी करूंगा।”


प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार…

वहीं बता दें कि प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। छठ पूजा से पहले यमुना नदी में तैरते जहरीले झाग की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरीं तो दिल्ली सरकार पर विरोधियों के हमले बढ़ गए। सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों ने केजरीवाल सरकार को उनके चुनावी वादे याद दिलाएं। विपक्षी दल बीजेपी ने दिल्ली सरकार पर प्रदूषण पर काम करने की जगह छवि चमकाने पर ज्यादा खर्च करने का आरोप लगाया। कुछ इसी मिजाज से सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकार लगाई।

Kejariwal On Yamuna Pollution

उसने भी कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बहुत चिंताजनक है। इन चौतरफा दबावों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सामने आए और सरकार की मंशा स्पष्ट की। हाँ बशर्तें कि ये वादे हैं और वादों का क्या, केजरीवाल सरकार इस मामले में माहिर है।

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