राजनीति

चुनाव आयोग ने रद्द की बीजेपी विधायक की सदस्यता, चुनाव में गड़बड़ी का आरोप!

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने बीजेपी के एक विधायक और मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री की सदस्यता रद्द कर दी है. मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने अयोग्य करार देते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी है. नरोत्तम मिश्रा पर आरोप था कि उन्होंने अपने चुनाव के खर्चों में पेड न्यूज पर खर्च की गयी रकम का ब्यौरा नहीं दिया था.

चुनाव आयोग ने रद्द की सदस्यता :


आपको बता दें कि यह मामला बहुत लम्बे समय से चुनाव आयोग में लंबित था, नरोत्तम मिश्रा पर आरोप था कि साल 2008 के चुनावों के दौरान उन्होंने पेड न्यूज पर खर्च की गयी रकम को अपने चुनावी खर्च के ब्योरे में शामिल नहीं किया था. शनिवार को चुनाव आयोग ने इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुनाया.

चुनाव आयोग ने नरोत्तम मिश्रा के चुनाव को शून्य घोषित कर दिया है :

यह फैसला आने के बाद पेड न्यूज से जुड़े मामलों में इसे आयोग की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयोग ने नरोत्तम मिश्रा के चुनाव को शून्य घोषित कर दिया है. नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेहद करीबी माने जाते हैं और उनके पास मध्य प्रदेश सरकार के जल संसाधन, जनसंपर्क और संसदीय कार्य मंत्रालय का जिम्मा था. चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब नरोत्तम मिश्रा अगले तीन साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे.

गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा दतिया विधानसभा से विधायक चुने गए थे और उन्हें मध्य प्रदेश में ग्वालियर-चम्बल अंचल से आने वाले बड़े और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है. इस मामले के खिलाफ उन्होंने साल 2015 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. कोर्ट ने यह मामला चुनाव आयोग पर छोड़ दिया था.

साथ ही आपको बता दें कि दतिया विधानसभा से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने इस मामले को चुनाव आयोग के सामने उठाया था. भारती ने नरोत्तम मिश्रा पर साल 2008 के विधानसभा चुनाव में अखबारों में पेड न्यूज छपवाने का आरोप लगाया था, पेड न्यूज का हिसाब चुनाव खर्च में नहीं देने पर भारती ने मिश्रा को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी.

पेड न्यूज वह खबरें होती हैं जिन्हें पैसा या किसी लाभ के बदले अखबार और टीवी में प्रकाशित/प्रसारित किया जाता है, इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष, पार्टी विशेष या पक्ष विशेष को लाभ पहुंचाना होता है, वर्तमान में विज्ञापन की आड़ में राजनैतिक दल पेड न्यूज प्रकाशित करा रहे हैं, वैसे यह नैतिक रूप से गलत है मगर इसके सम्बन्ध में कोई निश्चित प्रावधान नहीं हैं.

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