समय पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है, सदियों से समय को न तो कोई रोक पाया है और न ही अपने वश में कर सका है, समय अच्छा भी होता है और बुरा भी. समय जब अच्छा होता है तो हमारी परिस्थितियां हमारे अनुकूल बरतती हैं, वही समय जब बुरा होता है तो परिस्थितियां प्रतिकूल बरतती हैं. लेकिन प्रकृति हमें समय का इशारा करती है. प्रकृति के तीन इशारे ऐसे होते हैं जिनके जरिये आप जान सकते हैं, कि आपका समय बदलने वाला है. कई बार ऐसा भी होता है जब हम समय के इशारे नहीं समझ पाते, मगर समय तो समय है, वह निर्धारित है और आएगा ही उसकी चाल निर्धारित है और उसे कोई परिवर्तित नहीं कर सकता.

इन समय के इशारों को समझा जरूरी है, क्योंकि अगर आप समय के इशारों को समझ कर उसके अनुकूल कार्य करते हैं, तो आपको उसका लाभ मिलेगा, वैसे भी मनुष्य स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है, ऐसी स्थिति में अगर उसने सही समय या अच्छे समय को नहीं समझा तो उसकी गलतियां अच्छे समय के प्रभाव को कम कर सकती हैं. साथ ही उसके समझ लेने पर वह अपने प्रयासों से प्रभाव को अपने पक्ष में उत्तरोत्तर वृद्दि करा सकता है.

प्रकृति के यह 3 संकेत इस प्रकार हैं-

*_बिना प्रयासों के मिलने वाले अवसर-

बहुत सी चीजें हमें बिना मेहनत और बिना प्रयास के मिल जाती हैं. और बहुत सी चीजों के लिए हम लगातार प्रयास करते हैं अपनी जी-जान लगा देते हैं फिर भी हमें वह वस्तु प्राप्त नहीं होती है. इसलिए अगर बिना प्रयास के ही आपको कोई बड़ी उपलब्धि मिलती नजर आ रही है तो सतर्क हो जाएं और उसे अपने हाथों से न जाने दें. जैसे कि- जॉब ऑफर्स, काम की सराहना, लोगों के बीच आपके महत्व में इजाफा इत्यादि. ऐसे में जो भी निर्णय लें उसपर गौर कर लें क्योंकि ऐसे वक्त में आपका निर्णय आपके भाग्य और भविष्य दोनों को प्रभावित करने वाला हो सकता है.

*_उदार रवैया-

कई बार हम लोगों को उनकी गलतियों के लिए माफ नहीं कर पाते हैं, कुछ लोगों के बुरे बर्ताव हमसे भूले नहीं जाते, मगर समय के अन्तराल और अन्य वजहों से जब कभी आपको लगे कि आपके व्यवहार और मन में एक बड़ा बदलाव आया है, जैसे कि अब आप उन सब चीजों को माफ कर सकते हैं, जो कि पहले आपके लिए आसान नहीं था, अपने प्रति किये गए बुरे रवैये को आप भूल सकते हैं, और बुरा बर्ताव करने वाले को माफ भी कर सकते है, तो कहीं न कहीं आपके अंतर्मन में यह बदलाव अच्छे संकेतों को उजागर करता है, ऐसा आपके अच्छे समय की निकटता के चलते होता है. प्रकृति आपमें सकारात्मकता का संचार करती है. इसके लिए आपको जिद्दी नहीं बल्कि लोचपूर्ण और व्यवहारिक होने की जरूरत है.

*_वर्तमान का महत्व-

मनुष्य का अंतर्मन प्रकृति से जुड़ा होता है, ऐसे में जब आपके व्यवहार में बदलाव आये और आप वर्तमान को महत्व देने लगें यानी कि आप बीते हुए कल को भूलें और भविष्य की चिंता करना छोड़ दें, साथ ही आपकी सोच में यह परिवर्तन आये कि अगर मेरा आज अच्छा है तो भविष्य भी अच्छा होगा तो यह भी प्रकृति का एक संकेत है, इन सकारात्मक विचारों से आपके अच्छे समय की शुरुआत होती है, और आपको हमेशा इन्हें बनाये रखने का प्रयास करना चाहिए.

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