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तालिबान राज : जिस जेल में बरसों रहा था कैदी बन कर अब उसी जेल का जेलर बना तालिबानी आतंकी

अफगानिस्तान पर अब तालिबान राज कर रहा है‌ उसने वहां पर अपनी सरकार भी बना ली है। अब सरकार भी तालिबान है और नियम कानून भी तालिबानी है। अफगानिस्तान में अब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुजरिम ने पहले क्या जुर्म किया था, देश पर कब्जा करते ही तालिबान ने सारे पुराने कैदियों को रिहा कर दिया है। रोचक बात यह है कि जो कैदी  कभी जेल में आरोपी बंद कर सजा काटने आए थे वही उन जेलों पर अब राज कर रहे हैं।

राजधानी काबुल के पूर्वी क्षेत्र में बनी पूरे चरखी जेल को देश की सबसे बड़ी जेल माना जाता है। कभी यह जेल सजा काटने आए आरोपियों से भरी रहती थी लेकिन अब यहां से न केवल कैदियों को छोड़ दिया गया है बल्कि वह खुलेआम इसमें मजे कर रहे हैं। किसी को जेल के प्रभारी की तो किसी को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दे दी गई है।

पहले मुजरिम था अब जेलर है

कभी पूर्वी कुनार प्रांत से देश के सबसे बड़े जेल में डाला गया तालिबानी आतंकी अब इसी पुल ए चरखी का जेल जेलर है। उसने न्यूज़ एजेंसी एसोसिएट प्रेस से नाम न बताने की शर्त पर बात की। एजेंसी से बात करते हुए उसने बताया कि उसे आतंकी बताते हुए आंखों पर पट्टी बांधकर यहां लाया गया था पर अब वह इसी जेल में अपने कुछ तालिबानी साथियों के साथ जेल की सुरक्षा व्यवस्था देख रहा है। जेल प्रभारी बनने के बाद से वो बहुत खुश है और कहता है कि अब उसे किसी बात का डर नहीं है।

पुराने अनुभव भी बताए

तालिबानी जेल प्रभारी ने कहा कि जब मैं उन दिनों को याद करता हूं तो काफी सहम जाता हूं। कैदियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था और उन्हें यातनाएं दी जाती थी। रिहा होने से पहले उसे लगभग 14 महीनों तक जेल में रखा गया था। वो दिन मेरी जिंदगी के सबसे काले दिन थे और ये सबसे खुशी के दिन हैं।

जेल में ना तो कोई नया कैदी आता है और ना ही कोई जाता है जिनको जाना था वह जा चुके हैं बाकी यही रह रहे हैं। कैदियों को छोड़े जाने के बाद से अब तक उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। पानी की बोतलें छोड़े, गए सामान और चप्पल-जूते भी वैसे के वैसे ही पड़े हुए हैं। उसके कुछ साथी जेल को देखने के लिए आए हुए थे। मिलने आए एक साथी को जेल में पड़ी हुई एक चप्पल पसंद आ गई उसने अपनी चप्पल उतार कर दूसरे चप्पल को पैर में डाला नाप ठीक लगा तो अपनी चप्पल छोड़ी और दूसरी ले गया।

पुल ए चरखी जेल

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पूर्वी क्षेत्र में मौजूद पूल ए चरखी जेल को सबसे खतरनाक जेल माना जाता था। यहां खूंखार मुजरिम और आतंकियों को रखा जाता था इसकी क्षमता करीब 5000 कैदियों को एक साथ रखने की है। लेकिन जब से तालिबान ने कैदियों को रिहा किया है तब से ही इतनी बड़ी ये जेल वीरान सी लग रही है।

बदला ले रहे तालिबानी लड़ाके

अफगानिस्तान से ऐसी भी खबरें आ रही हैं की जिन लोगों ने पहले अमेरिकी सेना का साथ दिया था तालिबानी ऐसे लोगों और अधिकारियों को ढूंढ रहे हैं और घर में जाकर उनके पहचान करके उन्हें परेशान किया जा रहा है। ऐसे सभी लोगों को डर है कि तालिबानी उन्हें मार सकते हैं। हाल ही में एक महिला जज ने बताया था कि उसे डर है कहीं ऐसे तालिबानी आतंकी जिन्हें सजा सुनाते हुए उसने जेल में डलवाया था वह उसकी हत्या कर सकते हैं।

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