पीएम मोदी के न्यू इंडिया विजन से इस देश में आई नौकरियों की भरमार, भारत को भी होगा फायदा!

वॉशिंगटन: भारत के पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प 26 जून को द्विपक्षीय वार्ता के लिए मिलने वाले हैं, ऐसे में मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस मुलाकात में किन-किन मुद्दों पर बात होगी वहीं ट्रम्प प्रशासन की ओर से कुछ बातें पहले से ही इशारे इशारे में बताई जा चुकी हैं. इसी क्रम में अमेरिका के वाइट हाउस ने एक बयान में कहा है कि भारत के न्यू इंडिया विजन से अमेरिकी लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. कहीं न कहीं वाइट हाउस की तरफ से भी पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की इस मुलाकात का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है.

राष्ट्रपति ट्रम्प और पीएम मोदी की पहली मुलाकात होगी :

गौरतलब है कि यह राष्ट्रपति ट्रम्प और पीएम मोदी की पहली मुलाकात होगी. खास बात यह है कि एक तरफ तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एच-1 बी वीजा पर लगातार हमलावर नजर आ रहे हैं, और ‘बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन’ जैसे नारे दे रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ वाइट हाउस यह भी स्वीकार कर रहा है कि पीएम मोदी के न्यू इंडिया प्रोजेक्ट से अमेरिका और अमेरिकंस को बहुत ज्यादा फायदा होगा.

सोमवार को ट्रम्प प्रशासन ने यह बयान दिया कि मोदी के न्यू इंडिया विजन से यूनाइटेड स्टेट्स को बड़ा फायदा होने वाला है. इससे अमेरिका में नई नौकरियों का सृजन होगा. वाइट हाउस के मुताबिक न्यू इंडिया के विजन से अमेरिका में रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा. क्योंकि इस प्रोजेक्ट के लिए अमेरिका के ऊर्जा, तकनीकी, प्राकृतिक गैस क्षेत्र की कंपनियां काम कर रही हैं.

इसके अलावा 26 जून को होने वाली द्विपक्षीय बातचीत में आतंकवाद और एच-1 बी वीजा नियमों में बदलाव समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. वाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी सियान स्पाइसर ने कहा, ‘अमेरिकी रक्षा और तकनीकी कंपनियां पीएम मोदी के न्यू इंडिया विजन को साकार करने में लगी हैं. इसके चलते अमेरिका में भी हजारों नई नौकरियां पैदा हुई हैं.’

उन्होंने साल 2000 से साल 2016 के दौरान अमेरिका और भारत के बीच के कारोबार के बारे में बताया, उन्होंने बताया कि भारत अमेरिका के बीच व्यापार में 6 गुना तक बढ़ोत्तरी हुई है. 2000 में यह महज 19 अरब डॉलर था, लेकिन 2016 में यह आंकड़ा 115 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

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