बॉलीवुड

कैप्टन विक्रम बत्रा ने डिंपल चीमा की खून से भरी थी मांग, जानिए शेरशाह के राइटर का क्या है कहना…

डिंपल चीमा की खून से मांग भरने की कहानी, फ़िल्म के राइटर ने बताई सच्चाई...

बीते दिनों बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में ‘शेरशाह’ नाम से एक मूवी रिलीज हुई है। यह फ़िल्म दर्शकों को भी काफी पसंद आई। बता दें कि कैप्टन विक्रम बत्रा पर बनी इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी ने बखूबी काम किया है और फिल्म की रिलीज के बाद विक्रम बत्रा और डिंपल चीमा की लव स्टोरी के बारे में लोगों को और ज्यादा पता चला है। जी हां गौरतलब हो कि इस फिल्म के राइटर संदीप श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें कैप्टन बत्रा और डिंपल के बारे में कुछ बातें मनगढ़ंत लगती थीं।

संदीप का कहना है कि उन्हें लगता था कि कैप्टन बत्रा का अपना अंगूठा काटकर खून से डिंपल चीमा की मांग भरने की कहानी झूठी है। उन्होंने कहा है कि लेकिन डिंपल ने उन्हें बताया था कि ऐसा असल में हुआ था। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में संदीप ने कहा कि, “मैं 2-3 बार डिंपल से मिला था। हमें उनकी लव स्टोरी पता थी इसलिए उसे और बेहतर दिखाने के लिए हमने कुछ चीजें इसमें जोड़ दी थीं।”

Sherashah movie

Sherashah movie

इतना ही नहीं खून से मांग भरने वाले सीन पर संदीप ने कहा कि, “यह सीन बेहद फिल्मी था जैसा 70 और 80 के दशक में होता था। लेकिन इसमें डिंपल का रिऐक्शन ‘किन्ना फिल्मी बंदा मिला है मैनू’ ने इसे थोड़ा संतुलित कर दिया था।” बता दें कि डिंपल और कैप्टन बत्रा एक-दूसरे को 4 साल से जानते थे। उन्होंने करगिल वॉर से पहले शादी का भी प्लान बनाया था। भले ही उनका साथ 4 साल का हो मगर उन्होंने केवल 40 दिन ही एक साथ गुजारे थे।

इसके अलावा कैप्टन बत्रा के पिता गिरधर लाल बत्रा ने बताया था कि विक्रम के शहीद होने के बाद उन्होंने डिंपल से शादी करने के लिए कहा था। मगर डिंपल ने उन्हें और अपने पैरंट्स को शादी करने से इनकार कर दिया और पूरी जिंदगी विक्रम बत्रा की यादों के सहारे बिताने का फैसला लिया। वहीं एक इंटरव्यू के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता गिरिधर लाल बत्रा ने बताया कि, “डिंपल हमें साल में दो बार ही कॉल करती हैं।

vikram batra

एक बार मेरी पत्नी कमल कांत शर्मा के बर्थडे पर और दूसरी बार मेरे बर्थडे पर।” ये पूछे जाने पर कि क्यों उन्होंने कभी डिंपल को शादी के लिए नहीं मनाया? उन्होंने कहा कि, “कारगिल युद्ध में विक्रम के शहीद होने के बाद हमने उसे शादी कर लेने के लिए कई बार कहा लेकिन उसने शादी नहीं की।”

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