अध्यात्म

आज है भौम प्रदोष का शुभ संयोग, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम मिलेगा अक्षय गुण फल!

जिस दिन इंसान के सभी दोषों का नाश हो जाता है, उसे प्रदोष कहते हैं। जब यह दिन मंगलवार को पड़ता है तो इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। मंगल के स्वामी हैं हनुमान जी और त्रयोदशी के भगवान शंकर। यह दिन ऐसा होता है, जिस दिन आपको एक साथ दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन की जाने वाली आराधना से भगवान शंकर व्यक्ति के सभी पापों और दोषों का नाश कर देते हैं।

हनुमान जी के आशीर्वाद से होता है शत्रुओं का नाश:

इस दिन पूजा करने से मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों से भी मुक्ति पायी जा सकती है। हनुमान जी के आशीर्वाद से शत्रुओं और कर्ज से मुक्ति मिलती है। यह व्रत करने वाले को उत्तम लोक की प्राप्ति होती है। सोमवार, मंगलवार और शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत अत्यधिक फलदायी होते हैं। कई-कई जगहों पर द्वादशी और त्रयोदशी की तिथि को प्रदोष व्रत कहा जाता है।

मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष व्रत कहते हैं:

हर महीने में आने वाले कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष तिथि कहते हैं। अगर यह तिथि सोमवार को पड़ती है तो सोम प्रदोष होता है और यही मंगलवार को पड़ती है तो भौम प्रदोष होता है। शनिवार को पड़ने वाले प्रदोष को शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन सभी लोग व्रत रहते हैं। इस दिन के बारे में कहा गया है कि अगर व्यक्ति हर तरह की पूजा-पाठ, जप-तप कर चुका है और उसे फल नहीं मिल रहा है तो उसे प्रदोष व्रत करना चाहिए।

भगवान शिव की पूजा करने से हो जाते हैं तुरंत प्रसन्न:

इसे करने से व्यक्ति को संतान, सुखमय गृहस्थ जीवन, आर्थिक परेशानियों से मुक्ति, रोजगार और अन्य सांसारिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है। प्रत्येक महीने में पड़ने वाले प्रदोष व्रत के दिन जप-तप और दान करने से व्यक्ति की सभी परेशानियों का नाश हो जाता है। आज 6 जून मंगलवार को भौम प्रदोष का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाए तो वह तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं।

इस दिन के बारे में ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शंकर प्रसन्न होकर नृत्य करते हैं। इस दौरान उनकी पूजा अवश्य करनी चाहिए। भौम प्रदोष के दिन भगवान शिव की पूजा करने से मंगल ग्रह से जुड़े दोषों का नाश होता है। भौम प्रदोष के दिन शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करने से अक्षय गुण फल मिलता है। इस दिन मसूर की दाल, गुड़, तांबा और लाल वस्त्रों का दान करना शुभ होता है। सूर्योदय के बाद हनुमान जी और भगवान शिव की उपासना करें, हनुमान जी को बूंदी के लड्डू चढ़ाकर स्वयं प्रसाद ग्रहण करें।

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