अलगाववादियों के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा – पत्थरबाजी के लिए पाकिस्तान से मिल रहा है पैसा!

नई दिल्ली कश्मीर में कई महिनों से हो रही पत्थबाजी पर अब साफ हो गया है कि इसमें किसी और का नहीं बल्कि नापाक पाक का हाथ है। एक अंग्रेजी न्यूज चैनल के स्टिंग विडियो से साफ हो गया है कि पाकिस्तान कश्मीर घाटी में गड़बड़ी पैदा करने और युवाओं को उकसाने का काम कर रहा है। इस विडियो में अलगाववादी नेता स्वीकार करते दिख रहे हैं कि उन्हें पाकिस्तान के जरिए फंडिंग हो रही है। स्टिंग विडियो में पाकिस्तान की ओर पथराव, स्कूलों में आगजनी और विधायक पर हमले के लिए पैसे मिलने का खुलासा हुआ है। अलगाववादी नेता ने यह बात कबूली है कि उन्हें पाक से करोड़ों रुपये की फंडिंग की जाती है। Hurriyat funding pak.

कश्मीर में बवाल के बदले पाक से मिलता है पैसा –

Slingshot to fight stone pelters

यह स्टिंग ऑपरेशन इंडिया टुडे द्वारा किया गया है। जिसके मुताबिक, अलगाववादी नेताओं ने कबूला है कि वे पाकिस्तान से पैसा लेकर कश्मीर में हंगामा कराते हैं। अलगाववादियों ने यह भी कबूला है कि स्कूलों में भी आग भी उन्होंने ने ही लगाई थी। इस अलगाववादी ने खुलासा किया है कि कश्मीर में ऐसे कई लोग हैं जो साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

उसने हुर्रियत के प्रांतीय राष्ट्रपति (गिलानी गुट) के नईम खान, तहरीक ए हुर्रियत के नेता गाजी जावेद बाबा, जेकेएलएफ के चेयरमैन फारुख अहमद डार (बिट्टा कराटे) को लेकर खुलासा किया है कि ये सब कश्मीर में अंशाति फैलाने के लिए पैसे ले रहे हैं। इस शख्स का नाम नईम खान है और यह गिलानी गुट का है।

कश्मीरी अलगाववादियों का काला चेहरा बेनकाब –

स्टिंग में नईम खान ने कहा कि पाकिस्तान पिछले 6 साल से कश्मीर में बड़े प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए वह करोड़ों रुपये बर्बाद कर चुका है। पाक अपने मकसद में सिर्फ इसलिए कामयाब नहीं हो सका क्योंकि अलगाववादियों में पैसे की भूख कुछ ज्यादा है। नईम ने यह भी बताया है कि अलगाववादियों को ये पैसे सऊदी अरब और कतर के रास्ते से पहुंचाये जाते हैं।

सबसे चौकाने वाली बात यह है कि दिल्ली के कुछ हवाला कारोबारी भी इसका हिस्सा हैं। पाकिस्तान दिल्ली के रास्ते पैसा भेजना ज्यादा सुरक्षित समझता है। नईम ने कहा कि कश्मीर में पिछले 1 साल में स्कूलों समेत सभी सरकारी इमारतों में आगजनी सिर्फ हुर्रियत के समर्थन से ही संभव हो पाई।

Share this

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.