बॉलीवुड

गोविंदा के पिता भी रह चुके हैं बॉलीवुड एक्टर, फिर इस गलती से बर्बाद हो गया करियर

सुपरस्टार गोविंदा 90 के दशक में कई सुपरहिट फ़िल्में दे चुके हैं. गोविंदा को हर किरदार में फैंस ने ख़ूब पसंद किया है. साल 1986 में अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत करने वाले गोविंदा ने डांस, कॉमेडी, डायलॉग डिलीवरी हर एक अंदाज से अपने फैंस का दिल जीता है. इस बात से बहुत कम लोग वाक़िफ़ है कि, गोविंदा फिल्मों में आने से पहले ही फ़िल्मी दुनिया से संबंध रखते थे.

दरअसल, गोविंदा के पिता अरुण आहूजा भी अपने समय के एक जाने-माने अभिनेता रह चुके थे. लेकिन इसके बावजूद गोविंदा और उनके परिवार को मुश्किल भरे दिनों से गुजरना पड़ा है. गोविंदा खुद अपने साक्षात्कार में इस बारे में बात कर चुके हैं. वहीं गोविंदा ने अपने एक हालिया साक्षात्कार में यह भी कहा कि, हिंदी सिनेमा में कई ऐसे लोग रहे हैं, जिन्होंने उनके करियर को बर्बाद करने का प्रयास किया है.

अपने एक हालिया साक्षात्कार में गोविंदा ने अपने फ़िल्मी करियर, परिवार और निजी जिंदगी के बारे में बात कई. इस दौरान उन्होंने जिंदगी के बुरे दिनों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब फिल्मों के चक्कर में उनके पिता का बंगला तक बिक गया था.

गोविंदा के पिता को बेचना पड़ा अपना बंगला…

गोविंदा एक बार सिमी ग्रेवाल के शो पर पहुंचे थे. इस दौरान बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि, उनके पिता अरुण आहूजा को अपना बंगला बेचना पड़ा था. बता दें कि, एक अभिनेता के रूप में अरुण आहूजा 40 और 50 के दशक में फिल्मों में सक्रिय थे. उन्होंने 30 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम किया था. गोविंदा के मुताबिक़, उनके पिता ने एक फिल्म बनाई थीं, जिसमें बहुत पैसा लगा दिया था और फिल्म फ्लॉप हो गई, ऐसे में बंगला बेचने कई नौबत आ पड़ी. सिमी ग्रेवाल के शो पर गोविंदा ने कहा कि, नुक़सान की भरपाई के लिए कार्टर रोड पर स्थित बंगले को बेचना पड़ा और फिर उन्हें दूसरी जगह जाना पड़ा. गोविंदा ने यह भी कहा कि, इसी के साथ परिवार को मुसीबतों के दिनों का सामना भी करना पड़ा.

जब मां को देख रो पड़े गोविंदा…

गोविंदा ने पिता के साथ ही मां से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया था. गोविंदा अपनी माँ के बेहद करीब बताए जाते थे. बता दें कि, गोविंदा की मां का नाम निर्मला देवी था और वे एक क्लासिकल कलाकार थी. गोविंदा ने एक किस्से का जिक्र करते हुए कहा था कि, ”एक बार मां को छोड़ने के लिए मैं ख़ास रेलवे स्टेशन पर गया था. लेडीज डिपार्टमेंट में भीड़ बहुत थीं और औरतें भी लटककर सफ़र कर रही थीं.’

गोविंदा ने आगे कहा कि, ”वो उन महिलाओं से कहती कि बेटा मुझे अंदर ले लो प्लीज. लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली और इस तरह से पांच ट्रेने निकल गई और मां ट्रेन में चढ़ नहीं पाई. तो मम्मी ने कहा कि- हां ये भी छूट गई, बड़ा कठिन हो गया है चीची (गोविंदा को प्यार से चीची भी कहा जाता है) आजकल. मैं उनकी बात सुन रोने लगा और मैंने मां से कहा कि, आप 10 मिनट रुकिए यहीं.”

गोविंदा ने आगे कहा कि वे रेलवे स्टेशन से दौड़कर अपने मामा के घर गए और उनसे कुछ पैसे लेकर आए. उससे उन्होंने अपनी मां के लिए ट्रेन की फर्स्ट क्लास की टिकट खरीदी. गोविंदा के मुताबिक, इस घटना ने उनके भीतर कुछ कर गुजरने का जूनून पैदा कर दिया था और फिर आगे जाकर वे एक बड़े अभिनेता बनने में कामयाब हुए.

बता दें कि, गोविंदा ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत साल 1986 में फिल्म ‘इल्जाम’ से की थी. 90 के दशक में उन्होंने कई हिट फ़िल्में देकर सुपरस्टार का तमगा प्राप्त किया था. अब गोविंदा बहुत कम ही फिल्मों में देखने को मिलते हैं.

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