बीवी बच्चों को मारकर खुद पंखे से लटक गया डॉक्टर, सुसाइड नोट में लिखा- ये समाज बुरा है, हमे..

समाज के लोगों को ताने मारने में बड़ा मजा आता है। दूसरों के घर में क्या चल रहा है, क्या कमियां है इन सबका ड्रामा क्रीऐट करने के सिवाय उन्हें और कोई काम नहीं होता है। लेकिन ऐसा कर वे ये भूल जाते हैं कि सामने वाले के दिमाग पर इसका कितना नेगेटिव प्रभाव पड़ता है। अब महाराष्ट्र के अहमदनगर की यह घटना ही ले लीजिए। यहां बीते शनिवार एक डॉक्टर ने समाज के तानों से तंग आकर अपनी और पूरे परिवार की ज़िंदगी खत्म कर दी।

राशिन गांव निवासी डॉ. महेंद्र थोराट ने अपनी बीवी और दोनों बच्चों को जहरीला इंजेक्शन देकर मार दिया। फिर खुद भी फांसी के फंदे पर झूल दुनिया को अलविदा कह गए। मरने से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा जिसे पढ़कर कर किसी की आँखें छलक आई।

डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में मौत की वजह का जिक्र करते हुए लिखा कि – मेरा बेटा सुन नहीं सकता है। इस बात को लेकर आस पड़ोस और रिश्तेदार उसके साथ बुरा बर्ताव करते हैं। हमे भी ताना मरते हैं। इस बात से दुखी हो कर हम अपनी ज़िंदगी समाप्त कर रहे हैं।

41 वर्षीय डॉ. थोराट आगे लिखते हैं – ये समाज बहुत बुरा है। लोग बिना कारण हमे तंग करते हैं। मेरा बेटा कृष्णा सुन नहीं सकता तो उसे ताने मारे जाते हैं। अब हमारे अंदर भी किसी को सुनने और समझने कि शक्ति नहीं बची है। हम लोगों के बर्ताव से तंग आ गए हैं। इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसलिए सभी को हमेशा के लिए अलविदा कह रहे हैं।

डॉक्टर ने आगे लिखा – जिन लोगों को हमने अपना माना वही हमे बेटे की वजह से अपराधी मानने लगे। अब बहुत हो गया। और सहन नहीं होता। हम जा रहे हैं। मेरी सारी प्रॉपर्टी दिव्यांग बच्चों को दान कर दी जाए। हमारी मौत का जिम्मेदार किसी को भी न माना जाए। अलविदा..

बताते चलें कि डॉ. थोराट का अपने राशिन गांव में खुद का एक अस्पताल था। उनकी बीवी वर्ष एक हाउस वाइफ थी। दोनों बेटे कृष्णा और कैवल्य थे। डॉक्टर समाज सेवा और अनाथ बच्चों की मदद करने के लिए एक्टिव रहते थे। परिवार के मरने के बाद पुलिस को पत्नी और दोनों बच्चों का शव एक कमरे में बेड पर जबकि डॉक्टर की लाश दूसरे कमरे में पंखे से लटकी मिली।

गरीबों की मदद को हमेश तैयार रहने वाले डॉक्टर के अचानक चले जाने से कई लोग दुखी है। सभी का यही कहना है कि इतना भला इंसान कैसे चला गया। वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या समाज का इस तरह ताने मारना सही है?