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टूलकिट मामले से ISI से जुड़े हैं निकिता और दिशा के तार, जांच में ये अहम बातें आई सामने

टूलकिट मामले में पुलिस ने एक ओर चौंकाने वाला खुलासा किया है और जांच के दौरान आईएसआई के तार भी इस मामले से जुड़े हुए पाए हैं। भजन सिंह भिंडर उर्फ इकबाल चौधरी और पीटर फ्रेडरिक के नाम इस मामले में सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार इनका नाता आईएसआई से है। दिल्ली पुलिस टूलकिट मामले की जांच काफी तेजी से कर रही है और इस मामले में आरोपियों की सूची रोज बढ़ती जा रही है। सोमवार को पुलिस ने इकबाल चौधरी और पीटर फ्रेडरिक का नाम भी आरोपियों में शामिल कर लिया गया है।

इनके नाम सामने आने के बाद पुलिस अब ये जांच कर रही है कि कहीं आईएसआई की ओर से टूलकिट को लेकर फंडिंग तो नहीं की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निकिता और शांतनु की गिरफ्तारी के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा। पुलिस के मुताबिक दिशा के पास से मिले डिजिटल सबूतों से पता चला है कि पुणे निवासी सोशल वर्कर और इंजीनियर शांतनु नेे टूलकिट तैयार करवाई। निकिता और दिशा ने उसमें एडिटर की भूमिका अदा की। टूलकिट के जरिये तय किया गया कि आंदोलन में कब-कब क्या-क्या करना है और इसे किसे भेजना है। इस सूची में एनजीओ, मीडिया हाउस व अन्य संस्थाएं भी शामिल थी।

निकिता और दिशा ने ये भी तय किया की कैसे हैशटैग का इस्तेमाल करना है। वहीं दिशा ने अपनी एक संस्था से जुड़ी स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग को यह भेजा। ग्रेटा ने गलती से टूलकिट को ट्वीटर पर शेयर कर दिया। जिसके बाद पुलिस को इस टूलकिट के बारे में पता चल गया। हालांकि कुछ ही देर में ग्रेटा थनबर्ग ने इसे हटा भी दिया था। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

सबूत मिटाने में लगी थी दिशा

टूलकिट मामला सामने आने के बाद दिशा ने सबूत मिटना शुरू कर दिए। उसने ग्रेटा से ट्वीट डिलीट करने को कहा। ग्रेटा ने इसे हटा दिया। पुलिस के मुताबिक खुद दिशा ने गूगल से टूलकिट से जुड़े लिंक को हटाना शुरू कर दिया। लेकिन तब तक पुलिस के पास कई स्क्रीन शॉट आ चुके थे। वहीं जब पुलिस ने दिशा को गिरफ्तार किया तो उसके फोन व दस्तावेजों से अहम सुराग हाथ लगे। मोबाइल से दिशा ने काफी चीजों को डिलीट भी कर दिया था।

टूलकिट भेजने वालों की लिस्ट में भजन सिंह और पीटर फ्रेडरिक के नाम भी शामिल थे, इसलिए माना जा रहा है कि इस पूरे मामले से आईएसआई भी जुड़ी हुई है। वहीं अभी भी पुलिस गहराई से इस मामले की जांच कर रही है और ये पता लगाने में लगी हुई है कि आगे इस पर ये लोग कैसे काम करने वाले थे और किस-किसको ये भेजी जानी थी। इस पर 11 जनवरी को जूम पर मीटिंग में तय की गई थी। इसमें एमओ धालीवाल, दिशा, निकिता, शांतनु के अलावा कुल 70 लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जूम से उस मीटिंग में शामिल हुए लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

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