नई दिल्ली – बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती सहित 13 नेताओं पर साजिश रचने का मुकद्दमा चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार 19 अप्रैल को फैसला देते हुए कहा कि इस मामले की रोजाना सुनवाई होगी और सुनवाई कर रहे जज का फैसला आने तक तबादला नहीं किया जाएगा। राजस्थान के गवर्नर होने के नाते सुप्रीम कोर्ट ने अभी कल्याण सिंह को इस मामले से बाहर रखा है। क्योंकि संविधान के मुताबिक गवर्नर पर कोई केस रजिस्टर नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस ट्रायल को दो साल में खत्म करने का वादा किया है जिसके लिए मामले की लखनऊ कोर्ट में रोजाना सुनवाई होगी। Court decision on babri demolition.

आडवाणी समेत 13 नेताओं पर साजिश का केस चलेगा –

Court decision on babri demolition

लाल कृष्ण आडवाणी के लिए यह फैसला एक जबरदस्त धक्के की तरह है क्योंकि बीजेपी और पीएम मोदी उनके अगला राष्ट्रपति बनाने की योजना बना रहे थे। लेकिन अयोध्या ढांचा विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलने के आदेश के बाद  आडवाणी की छवि धूमिल होगी।

क्या है बाबरी मस्जिद विध्वंस का पूरा मामला –

Court coment on Ram mandir issue

आपको बता दें कि 6 दिसंबर 1992 को विवादित बाबरी मस्जिद को गिराए जाने पर दो केस दर्ज किये गए थे। जिनमें ढांचा गिराए जाने के वक्त मौजूद अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ लखनऊ कोर्ट में और बीजेपी नेताओं के खिलाफ रायबरेली कोर्ट में केस चल रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि इस मामले को 25 साल हो चुके हैं, इसलिए न्याय को ध्यान में रखते हुए हर दिन सुनवाई का आदेश दिया गया है।

इस कारण से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है मामला –

रायबरेली की कोर्ट ने आडवाणी, जोशी, उमा भारती समेत 13 बीजेपी नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश के चार्जेज हटा दिए थे। जिसके खिलाफ हाजी महबूब अहमद और सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। गौरतलब है कि इस मामले में 21 लोगों के खिलाफ साजिश के आरोप लगाए गए थे, जिनमें से 8 का निधन हो चुका है। जैसा कि कोर्ट ने कहा है कि इस मामले को दो सालों में निपटाया जाएगा, अगर ऐसा होता है और अपराध सिद्ध होता है तो इन नेताओं को सजा भी हो सकती है।

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