राजनीति

गुजरात में मुकेश अंबानी की जियो के नाम से बेचा जा रहा था आटा, पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार

गुजरात के सूरत में पुलिस ने चार लोगों को इसलिए गिरफ्तार कर लिया क्योंकि वह मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो के चिह्न वाली बोरियों में आटा बेच रहे थे. दरअसल यह लोग फ़र्ज़ी तरीके से जियों का नाम इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने बुधवार को मिली एक सूचना के आधार पर सूरत शहर से चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

इस मामले में राधाकृष्ण ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इसी कंपनी से इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक उन पर 1999 के ट्रेड मार्क्स कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

ज्ञात हो कि कुछ हफ़्ते पहले सोशल साइड्स पर रिलायंस जियो की बोरियों की कुछ फोटों काफी वायरल हुई थी. तस्वीर के साथ यह कैप्शन भी बहुत वायरल होने लगा कि कृषि कानून के लागू होने के साथ ही रिलायंस कंपनी ने किसानों की फसलों को खरीदने के लिए पहले से ही तैयारी की जा चुकी थी. इसे सरकार और रिलायंस की साठगांठ ही बताया जाने लगा था. इस अफवाह के उड़ने के बाद खुद रिलायंस ने सफाई दी थी कि उसके जियो ब्रांड का किसान फसल खरीदी की फोटो से कोई वास्ता नहीं है.

मामले में पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि रिलायंस ने इस बाबत शिकायत दर्ज कराई थी कि,आरोपी भारत गजेरा की कंपनी राधाकृष्ण ट्रेडिंग कंपनी फ़र्ज़ी तरीके से जियो का ट्रेडमार्क इस्तेमाल कर अपनी बोरियों में आटा सप्लाय कर रही है. पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद कंपनी मालिक गजेरा और तीन अन्य लोगों को ट्रेडमार्क कानून के उल्लंघन के तहत अपनी हिरासत में ले लिया है.

इस मामले में सूरत पुलिस ने जिन अन्य तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, ‘वे मामूली बोरियों पर रिलायंस के जियो का लोगो बनाने और फिर आटा बेचने की सप्लाय से जुड़े हुए है. बता दें कि रिलायंस जियो को इस मामले की जानकारी टीवी न्यूज रिपोर्ट से प्राप्त हुई थी. गौरतलब है कि जियो अभी कृषि उत्पादों के व्यापार से नहीं जुड़ा है. इसलिए उसने इसकी शिकायत सूरत पुलिस से करते हुए सख्त कार्रवाई के लिए कहा था.’

पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस के मुताबिक इन सभी लोगों ने अपने खुद के वित्तीय लाभ के लिए जियो के ट्रेडमार्क का गलत तरीके से इस्तेमाल किया है. इसलिए, इन सभी आरोपियों और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए मामला दर्ज किया गया है. सचिन पुलिस स्टेशन ने ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है और मामले में आगे की जांच कराइ जा रही है.

आपको बता दें कि जब से सरकार ने नए कृषि कानून को लागू करने कि बात कही है, उसी दिन से ये अफवाहें भी उड़ने लगी कि सरकार सब कुछ बड़े व्यापारियों के लाभहित में करना चाहती है. इसमें मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस का नाम भी खूब उडाया गया. इसलिए यह मामला कंपनी की साख के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. इसी कानून के खिलाफ किसान भी दिल्ली की बॉर्डर पर कई दिनों से सरकार के विरोध में डटे हुए है.

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