राजनीति

शिवसेना का शर्मनाक बयान : बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए जवानों पर कराया पुलवामा का हमला

देश की राजनीति का स्तर अब धीरे-धीरे गिरता जा रहा है. पार्टिया एक दूसरे पर इस तरह के आरोप लगाती है, जिनके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता. हालिया मामला बीजेपी और शिवसेना का सामने आया है. दोनों ही पार्टिया हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर अस्तित्व में आई थी. एक जमाने में दोनों एक दूसरे की पूरक मानी जाती थी. पर आज ये हालात है दोनों ही एक-दूसरे को फूटी आँख नहीं भाते.

इस बार शिवसेना ने अपने समाचार पत्र सामना के जरिये BJP पर काफी बड़े और गंभीर आरोप लगाए है. सामना में शिवसेना ने लिखा ‘एक तो ‘पुलवामा’ में हमारे सैनिकों की निर्मम हत्या यह देशांतर्गत एक बड़ा राजनैतिक षड्यंत्र था. लोकसभा चुनाव में जीत पाने के लिए हमारे 40 जवानों का खून बहाया गया. ऐसे आरोप उस समय भी लगाए गए थे. अब रिपब्लिक टीवी के पत्रकार अर्णब गोस्वामी की जो वॉट्सऐप लीक हुई है, वह इस तरह के आरोपों को और भी ज्यादा सही साबित करती है.

शिवसेना ने अपने पत्र में कहा कि पत्रकार गोस्वामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित अनेक गोपनीय बातें दुनिया के सामने सार्वजनिक कर दी है. बीजेपी इस बात पर खामोश क्यों है. चीन ने लद्दाख में घुसपैठ कर भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया है, भारत चीन को पीछे नहीं हटा पा रहा, इस पर बीजेपी ‘तांडव’ क्यों नहीं करती? अर्णव गोस्वामी को गोपनीय जानकारी देना राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना, ये किसने किया, देश को पता चलना चाहिए. अर्णव द्वारा 40 जवानों के मारे जाने पर हर्ष व्यक्त करना, यह देश, देव और धर्म के खिलाफ है.

अर्नब के खिलाफ कब एक्शन होगा
सामना में शिवसेना ने केंद्र की सरकार से सवाल पूछते हुए लिखा है कि जो बीजेपी वेब सीरीज तांडव का विरोध कर रही है, वह उस पत्रकार अर्णव गोस्वामी के बारे में कुछ क्यों नहीं बोलती. भारत के वीर पुत्रों का अपमान जितना उस पत्रकार गोस्वामी ने किया है उतना तो किसी पाकिस्तानी ने भी नहीं किया होगा. बीजेपी को और सरकार को इस बारे में जवाब देना चाहिए.

कांग्रेस भी उठा चुकी है जांच की मांग
आपको बता दें कि पुलवामा हमले पर कांग्रेस भी सवाल उठा चुकी है. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के अलावा सलमान खुर्शीद, सुशील कुमार शिंदे और गुलामनबी आजाद ने भी बुधवार को पत्रकार परिषद के दौरान इस पूरे मामले की जांच कराने व ‘सरकारी गोपनीयता अधिनियम’ के तहत कार्रवाई करने की मांग की है. कांग्रेस ने इस पूरे मामले को देशद्रोह से जोड़ते हुए उसके नेताओं ने इस मुद्दे को संसद सत्र में उठाने के संकेत भी दिए हैं. इस प्रकरण में जो सच्चाई है, उसे सरकार को उजागर करना चाहिए.

गौरतलब है कि पत्रकार अर्णव गोस्वामी की कुछ दिनों पहले WhatsApp चैट लीक हुई थी, जिसमे कई बड़े खुलासा हुए थे. उस चैट में ऐसे कई सवाल-जवाब थे जो किसी को नहीं पता होना चाहिए थे. अब अर्णव के साथ – साथ बीजेपी भी सवालों के घेरे में है.

ज्ञात हो कि 14 फरवरी, 2019 में आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर अचानक हमला कर दिया था. इस दौरान पुलवामा में सीआरपीएफ की करीब 78 गाडिय़ों में 2547 जवान मोजूद थे. इस हमले में 44 जवानों शहीद हो गए थे.

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