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अब सस्ते में शादी-ब्याह करवाएगी योगी सरकार, बस माननी होगी ये शर्तें

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शादी-विवाह करवाने के लिए हॉल बनवाए जाएंगे। ताकि राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शादी या फिर अन्य छोटे-मोटे आयोजनों के लिए लॉन या वैंक्विट हॉल किराए पर न लेना पड़े। इस योजना का उद्देश्य लोगों की आर्थिक मदद करना है। यूपी सरकार की ओर से नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में रहने वालों लोगों के लिए ये योजना लाई जा रही है।

इस नई योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में टोकन मनी के रूप में 50 करोड़ रुपए की मांग की गई है। योजना के तहत शादी-विवाह के लिए नगर विकास विभाग की ओर से हॉल बनाए जाएंगे। आपको बता दें कि ये वैंक्विट हॉल आधुनिक सुविधाएं से लेस होंगे और यहां पर कार्यक्रम करवाने वाले व्यक्ति को हर वो चीज मुहैया करवाई जाएगी जिसकी उसे जरूरत होगी।

बड़े शहरों में नगर निगमों ने अपने बजट से शादी-विवाह घर, कल्याण मंडप या फिर कम्यूनिटी हॉल बनवा रखे हैं। लेकिन नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में ऐसी व्यवस्था नहीं है। इसलिए अब अगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में इन हॉलों का निर्माण किया जा रहा है। नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन की अध्यक्षता में इस योजना के बजट पर बैठक की गई है। इस बैठक में छोटे शहरों के लिए शादी-विवाह घर बनवाने के लिए बजटीय व्यवस्था पर सहमति बनीं है। इसके आधार पर ये प्रस्ताव तैयार किया गया है।

योजना के जरिए बनने वाले शादी-विवाह के हॉल निकाय की जमीनों पर बनवाए जाएंगे। इन हॉल के साथ कुछ कमरे भी बनाए जाएंगे, साथ में ही लॉन भी होगा। हॉल के साथ कमरों को व लॉन को भी कम किराए की कीमत दिया जाएगा। नगर विकास मंत्री को विश्वास है कि इस योजना से लोगों को काफी मदद मिलेगी और कम लागत में शादी व आदि कार्यक्रम वो करवा सकेंगे। साथ में ही लोगों को कम पैसों में बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

धोबियों के लिए बनाएंगे घाट

नगर विकास मंत्री की ओर से शहरों में धोबी घाट बनाने का प्रस्ताव भी पेश किया गया है और जल्द ही ये योजना भी शुरू कर दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के कई शहरों में धोबी घाट बनाएं जाएंगे। इस योजना का मकसद प्रदूषण को रोकना है। धोबी घाट बनने से कपड़े धोते हुए जो नदियां गंदी होती हैं। उससे बचा जा सकेगा और कपड़े धुलने की वजह से नदियां प्रदूषित नहीं होगी। साथ में ही धेाबी घाट के पास पानी की व्यवस्था भी की जाएगी। इस योजना के 50 करोड़ रुपये टोकन मनी के रूप में मांगे गए हैं।

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