अध्यात्म

स्वर्ग में पाना चाहते हैं स्थान तो करें एक महीने तक ऐसे स्नान!

पिछले महीने 14 मार्च को खरमास की शुरुआत हुई थी। आज उसका आखिरी दिन है। कल यानी 13 मार्च से वैशाख महीने की शुरुआत होने वाली है, जो अगले महीने 13 मई तक चलने वाली है। स्कन्दपुराण में वैशाख महीने को साल के अन्य महीनों की अपेक्षा श्रेष्ठ बताया गया है। इस महीने का प्रधान देवता मधुसुदन को माना गया है। स्नान हर व्यक्ति के जीवन में बहुत मायने रखता है। दिन की शुरुआत स्नान के साथ ही की जाती है। इससे ना केवल तन स्वच्छ रहता है बल्कि मन भी प्रसन्न रहता है।

वैशाख महीने में स्नान करके प्राप्त कर लिया स्वर्ग:

लेकिन वैशाख महीने में जो भी व्यक्ति सूर्योदय से पहले नहाकर उपवास रखता है, वह प्रभु मधुसुदन का प्रिय बन जाता है। स्कन्दपुराण में राजा महीरथ के बारे में बताया गया है कि उन्होंने केवल वैशाख महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वर्ग की प्राप्ति कर ली थी। आज के दिन से लेकर अगले महीने की 10 तारीख तक आप ब्रह्म मुहूर्त में जागकर किसी नदी, सरोवर तीर्थ स्थल या कुएं पर जाकर स्नान करें। उसके बाद साफ-स्वच्छ वस्त्र धारण करके सूर्यदेव को जल अर्पित करें। जल अर्पित करते समय आप इस मंत्र का उच्चारण करें-

वैशाखे मेषगे भानौ प्रात: स्नानपरायण:।
अर्ध्य तेहं प्रदास्यामि गृहाण मधुसूदन।।

इसके साथ ही आप ये काम भी कर सकते हैं:

*- आप स्नान करने के बाद ॐ नमों भगवते वासुदेवाय या ॐ नमो नारायण मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

*- आप पूरे महीने व्रत रखें और केवल एक समय ही भोजन ग्रहण करें।

*- इस महीने में जल दान को बहुत अधिक महत्व दिया गया है। इसलिए जितना संभव हो सके इस महीने में जल का दान करें।

*- इस महीने में पंखें, अनाज और फलों के दान को भी बहुत महत्व दिया जाता है।

*- स्कन्दपुराण में यह बताया गया है कि इस महीने में तेल मालिश करना, दिन के समय सोना, कांसे के बर्तन में भोजन ग्रहण करना, दिन में दो बार भोजन ग्रहण करना, रात में खाना नहीं खाना चाहिए।

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